ग्रीन पटाखों की छूट के बीच नियमों की अनदेखी, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और दीवाली के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने अपने आदेश के बावजूद खुलेआम सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री पर गंभीर चिंता जताई है और सरकार से इस मामले पर तत्काल ध्यान देने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सुनवाई के दौरान कहा कि बाजार में लाइसेंस वाले और बिना लाइसेंस वाले, तथा क्यूआर कोड (QR Code) वाले और बिना क्यूआर कोड वाले—हर तरह के पटाखे आसानी से उपलब्ध हैं, जबकि अदालत ने केवल चुनिंदा समय के लिए और तय शर्तों के साथ केवल ग्रीन पटाखे जलाने की ही अनुमति दी थी।

जस्टिस सुंदरेश ने एएसजी ऐश्वर्या भाटी से किया सवाल

सुनवाई के दौरान जस्टिस एम.एम. सुंदरेश ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी के सामने अखबार की खबर का जिक्र करते हुए कहा कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश जारी किए जाने के बावजूद बाजारों और दुकानों पर सभी तरह के पटाखे बिक रहे हैं। कोर्ट ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से इस पर तुरंत संज्ञान लेने को कहा है।

दीवाली पर सीमित समय के लिए है ग्रीन पटाखों की अनुमति

बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए शीर्ष अदालत ने पटाखों के उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। कोर्ट के फैसले के मुताबिक, दीवाली के अवसर पर केवल 7 और 8 नवंबर को ही तय समय के लिए ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी गई है, और 9 नवंबर से एक बार फिर पटाखों की बिक्री और उनके फोड़ने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू हो जाएगा। कोर्ट की यह सख्ती ऐसे समय में आई है जब नियमों की अनदेखी कर धड़ल्ले से प्रतिबंधित पटाखों की खरीद-फरोख्त की खबरें सामने आ रही हैं।