
Investigative Journalism | Political & Public Affairs
साल 2004 से पत्रकारिता में सक्रिय ऋषि को न्यूज़ चैनल, पत्रिका, अखबार व डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव है.
उनकी खबरें, ‘घुसपैठ की फिराक में आतंकी’, ‘LOC पर जमावड़ा..इन रूट्स से कर सकते हैं इंट्री…’ की गूंज लंदन तक सुनाई दी थी. उन्होंने निर्मल बाबा और बाबा पॉल की धोखाधड़ी को उजागर किया. सहारा ग्रुप के जमीन घोटाले को उजागर किया. एचएसबीसी बैंक द्वारा की जा रही अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी को उजागर किया.
इसके अलावा यूपी में चीनी मिल घोटाला, ओटी घोटाला, ब्लड डायमंड व इंडिया में मोसाद की सक्रियता का भी खुलासा किया. यूपी की जेल से माफिया चला रहे गैंग इत्यादि खबरों ने उनकी पत्रकारिता को धार दी.
2017 के विधान सभा चुनाव के दौरान ‘योगी आदित्यनाथ होंगे सीएम’ जैसी खबर ब्रेक की. ‘जयराम ठाकुर होंगे हिमाचल के सीएम’ ब्रेक किया. साथ ही ‘पीओके की आतंकी यूनिवर्सिटी’ का खुलासा किया.
गंगाजली, दो गज़ जमीन के ऊपर और नीची जाति कहने वालों के नाम का लेखन भी किया।

सुरेन्द्र दुबे-
Managing Editor | Political Analyst
सुरेंद्र दुबे देश के अनुभवी वरिष्ठ पत्रकारों में शामिल हैं, जिनका पत्रकारिता करियर पाँच दशकों से अधिक समय में प्रिंट, समाचार एजेंसी और राजनीतिक विश्लेषण के विभिन्न पड़ावों से होकर गुजरा है। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1968 में कानपुर से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार “टेलीग्राफ” से की।
वर्ष 1969 में उन्होंने दैनिक जागरण, कानपुर में उप संपादक के रूप में कार्यभार संभाला। इसके बाद वर्ष 1975 में दैनिक जागरण, गोरखपुर के प्रथम संपादक का पद संभालते हुए उन्होंने बेहद कम उम्र में संपादक बनने का गौरव हासिल किया।
दैनिक जागरण से अलग होने के बाद उन्होंने स्वतंत्र पत्रकार के रूप में भी लंबे समय तक कार्य किया और नई दुनिया, इंदौर, दिनमान, Onlooker तथा Illustrated Weekly जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों के लिए अपनी सेवाएं दीं। इस दौर ने उनके पत्रकारिता अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आयाम दिया।
वर्ष 1982 में उन्होंने यूनिवर्सल न्यूज एजेंसी (UNI/Univarta) के उत्तर प्रदेश एवं बिहार प्रभारी का दायित्व संभाला। समाचार एजेंसी के क्षेत्र में लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासन और सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रमों को करीब से कवर किया।
वर्ष 2009 में वे United News of India (UNI), Univarta तथा UNI Urdu Sewa के उत्तर प्रदेश संपादक के पद से सेवानिवृत्त हुए।
पत्रकारिता के लंबे अनुभव के साथ सुरेंद्र दुबे आज भी सार्वजनिक विमर्श से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

रॉनीक वत्स (कंट्री हेड-भारत)
NEWS REPUBLIC के भारत नेटवर्क के संचालन और राष्ट्रीय स्तर पर टीम के समन्वय की जिम्मेदारी।
Jyoti A Ghag (Country Head US)
अमेरिका में NEWS REPUBLIC के नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी।

सरवर- कंट्री हेड ईरान
ईरान और क्षेत्र से जुड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कवरेज और नेटवर्क समन्वय की जिम्मेदारी।

दिलावर (मुख्य संवाददाता-नेपाल) नेपाल से संबंधित राजनीतिक, सामाजिक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग और कवरेज।


गौतम अग्रवाल एडिटर बिजनेस एंड फाइनेंस
बिजनेस, वित्त, अर्थव्यवस्था, बाजार और आर्थिक नीतियों से जुड़े विषयों पर संपादकीय कवरेज।

Saima SiddiquiEditor — Women, Lifestyle & Social Issues
महिला मुद्दों और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े विषयों पर विशेष फोकस। सामाजिक संवेदनशीलता और रिसर्च आधारित स्टोरीज़ पर कार्य।

अपूर्वा त्रिपाठी (योग एंड हेल्थ एक्सपर्ट)
योग, स्वास्थ्य और जीवनशैली से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञ दृष्टिकोण।

साक्षी चतुर्वेदी Editor — Entertainment & Relationship
मनोरंजन, रिलेशनशिप, मनोविज्ञान और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर संपादकीय योगदान।

शालिनी तिवारी Editor — Sports
खेल जगत से जुड़े समाचार और विशेष कवरेज। साइबर सुरक्षा और डिजिटल एथिक्स में भी विशेषज्ञता।

शैलेन्द्र कुमार झा ( रेजिडेंट एडिटर बिहार)
बिहार की राजनीति, समाज, प्रशासन और क्षेत्रीय घटनाक्रमों की कवरेज।
गौरव त्रिपाठी (रेजिडेंट एडिटर उत्तर प्रदेश) उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जमीनी घटनाक्रमों की क्षेत्रीय कवरेज।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़े राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक घटनाक्रमों की कवरेज।

संजीव पॉल- रेजिडेंट एडिटर मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश से जुड़े राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक घटनाक्रमों की कवरेज।
EDITORIAL ADVISORY BOARD
NEWS REPUBLIC के Editorial Advisory Board में पत्रकारिता, खेल और सार्वजनिक जीवन के अनुभवी नाम शामिल हैं, जिनका अनुभव संस्थान को विभिन्न विषयों पर व्यापक दृष्टिकोण उपलब्ध कराता है।

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Veteran Sports Journalist | Former Sports Editor | 40+ Years in Hindi Sports Journalism
पदमपति शर्मा एक दिग्गज भारतीय पत्रकार और खेल विशेषज्ञ हैं, जिन्हें हिंदी खेल पत्रकारिता (Hindi Sports Journalism) के अग्रदूत और प्रमुख स्तंभ के रूप में व्यापक सम्मान प्राप्त है। दशकों तक खेल पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय रहने वाले पदमपति शर्मा ने हिंदी मीडिया में स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग को एक नई दिशा और पहचान दी है।
1978 में रचा था इतिहास
उनके करियर की सबसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धि साल 1978 में आई थी। वह किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज को कवर करने के लिए विदेश जाने वाले पहले हिंदी पत्रकार बने थे। उनकी इस उपलब्धि ने हिंदी खेल पत्रकारिता के लिए विदेशी दौरों की रिपोर्टिंग के नए दरवाजे खोल दिए थे।
3 दशकों से ज्यादा का शानदार मीडिया सफर
पदमपति शर्मा का मीडिया करियर तीन दशकों से भी अधिक लंबा और बेहद समृद्ध रहा है। इस दौरान उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित और प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम किया।
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प्रमुख संस्थानों से जुड़ाव: उन्होंने ‘दैनिक जागरण’, ‘अमर उजाला’ और ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ (TOI) जैसे बड़े मीडिया घरानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
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लीडरशिप भूमिकाएं: वह कई प्रमुख हिंदी समाचार पत्रों और न्यूज चैनलों में खेल विभाग (Sports) के राष्ट्रीय प्रमुख (National Head) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनके नेतृत्व में खेल पत्रकारिता के कई नए प्रतिमान स्थापित हुए।

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Senior Journalist | Former Executive Editor, News18 India | Former Consulting Editor, TV9 | Parliament & Political Affairs
अमिताभ अग्निहोत्री ने मुख्यधारा के हिंदी न्यूज़ मीडिया में लगभग चार दशक (40 वर्ष) का लंबा समय बिताया है। प्रिंट से लेकर टेलीविजन तक, उन्होंने कई बड़े मीडिया घरानों में शीर्ष पदों पर काम किया है, जिनमें प्रमुख हैं:
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टीवी9 उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड (बतौर सीनियर मैनेजिंग एडिटर)
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न्यूज़18 इंडिया (News18 India)
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आर9 टीवी (R9 TV)
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समाचार प्लस (Samachar Plus)
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दैनिक जागरण (Dainik Jagran) और दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar)
अपनी बेबाक राय और जमीनी राजनीतिक समझ के लिए पहचाने जाने वाले अमिताभ अग्निहोत्री बिना किसी दबाव के सीधे जनता तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं।

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Senior Journalist | Investigative & Geopolitical Affairs
रूबी अरुण साल 1990 से ‘जियोपॉलिटिकल इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट’ के रूप में सक्रिय हुई। उनका अनुभव बीबीसी (BBC) से लेकर भारत सरकार के कई अहम मंत्रालयों तक फैला हुआ है।
टीवी और डिजिटल मीडिया में शीर्ष पदों पर जिम्मेदारी
इनका टेलीविजन न्यूज़ इंडस्ट्री में एक लंबा और प्रभावशाली रिकॉर्ड रहा है:
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न्यूज़ नेशन (News Nation): अक्टूबर 2018 से दिल्ली में एडिटर कंसल्टेंट (Editor Consultant) के पद पर कार्यरत।
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ज़ी मीडिया (Zee Media Corporation Limited): मई 2017 से एडिटर कंसल्टेंट।
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ईटीवी न्यूज़ नेटवर्क (ETV News Network): जून 2016 से ग्रुप एडिटोरियल एडवाइजर।
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अन्य चैनल: साल 2012 से ‘चैनल 4’ में पॉलिटिक्स एडिटर और 2011 से ‘न्यूज़ इंडिया इन्फो’ में चैनल हेड की भूमिका। पूर्व में दूरदर्शन नेशनल (DD1) में न्यूज़ राइटर/कास्टर और ‘टोटल टीवी न्यूज़’ में नेशनल ब्यूरो चीफ भी रह चुकी हैं।
प्रिंट और अंतर्राष्ट्रीय प्रसारण में योगदान
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रिंट व रेडियो जर्नलिज्म में भी इनका अहम योगदान रहा है:
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बीबीसी (BBC): 1 फ़रवरी 1996 से प्रोग्रामर और जर्नलिस्ट।
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वॉयस ऑफ अमेरिका (VOA): 2001 से जर्नलिस्ट।
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हिन्दुस्तान टाइम्स और दैनिक जागरण: 1999 से हिन्दुस्तान टाइम्स में चीफ क्राइम रिपोर्टर और 2002 से दैनिक जागरण में सीनियर रेजीडेंट।
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चौथी दुनिया: साल 2009 से इस प्रतिष्ठित साप्ताहिक समाचार पत्र में ‘एडिटर-इन्वेस्टिगेशन’ के रूप में काम कर रही हैं।
भारत सरकार और मंत्रालयों के साथ सलाहकार की भूमिका
पत्रकारिता के अलावा, इन्होंने कई सरकारी समितियों और मंत्रालयों में महत्वपूर्ण सलाहकार की भूमिकाएं निभाई हैं:
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विदेश मंत्रालय (MEA): 2011 से भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में कार्यरत।
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पंचायती राज मंत्रालय: 2013 से पंचायती राज को सशक्त बनाने वाली विशेषज्ञ समिति में ‘मेंबर कंसल्टेंट’।
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इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY): 2004 से सलाहकार।
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महिला एवं बाल विकास: 2007 से भारत सरकार में मेंबर कंसल्टेंट।
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सुरक्षा एवं वित्त: पूर्व में ‘नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स’ (NSG) में कंसल्टेंट और राजस्थान सरकार में वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) के तौर पर काम कर चुकी हैं।
शैक्षणिक और जूरी सदस्य के तौर पर जुड़ाव
मीडिया और सरकार के अलावा, यह शख्सियत अकादमिक और जूरी के तौर पर भी सक्रिय हैं। 2016 से वह सार्क (SAARC) देशों में ‘ऑनररी गेस्ट लेक्चरर’ (Honorary Guest Lecturer) के रूप में व्याख्यान दे रही हैं। साथ ही, दिसंबर 2016 से वह CEC UGC (कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन) में जूरी कंसल्टेंट के पद पर भी अपनी सेवाएं दे रही हैं।

नवल कान्त सिन्हा
Senior Journalist | Author | Satirist | AmaJaneDo
नवल कान्त सिन्हा वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और व्यंग्यकार हैं। वे देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण और वरिष्ठ संपादकीय पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पत्रकारिता के लंबे अनुभव के साथ उनकी लेखनी में खबर की समझ, सामाजिक सरोकार और व्यंग्य का बेबाक अंदाज देखने को मिलता है।
समसामयिक घटनाओं, राजनीति, समाज और मीडिया से जुड़े मुद्दों को अपने अलग नजरिए से देखने और उन्हें सहज, रोचक तथा धारदार अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है।
उनका अपना अंदाज कुछ यूं है: “इत्ती सी हंसी, उत्ता सा मजाक और थोड़ी सी खबरें। AmaJaneDo 😜”
EXPERT PANEL
NEWS REPUBLIC का Expert Panel विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को मंच प्रदान करता है, ताकि महत्वपूर्ण विषयों पर समाचारों के साथ विशेषज्ञ दृष्टिकोण भी उपलब्ध कराया जा सके।

हुसैन अफसर वेटरन जर्नलिस्ट हैं। हिंदी और उर्दू दोनों ही भाषा कमाल की पकड़ रखते हैं। ये उस ज़माने के पत्रकार हैं जब गिनती के पत्रकार हुआ करते थे। हुसैन कई बड़े अख़बारों में सीनियर पोजीशन पर रहे। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक समीकरणों पर गहरी पकड़ रखने वाले अनुभवी विश्लेषक।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉ. आशुतोष दुबेडॉ. आशुतोष दुबे कई जिलों में सीएम्ओ रहे हैं। इस समय लखनऊ के सिविल अस्पताल में रोगियों का उपचार करते हैं।

शेखर दीक्षित किसान मंच के अध्यक्ष है। खेती किसानी में रमे रहते हैं। किसानों के मुद्दों को ज़ोरदार तरीके से उठाते हैं।


Civil Services Mentor
सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े विषयों को सरल, सहज और व्यावहारिक भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं Prabhash Bahadur।
उनकी लेखन शैली की खासियत यह है कि गंभीर और जटिल विषयों को भी वे अनावश्यक कठिन हिंदी या अंग्रेजी के बजाय ऐसी भाषा में समझाते हैं, जिसे विद्यार्थी आसानी से पढ़ और समझ सकें।
संविधान, शासन-व्यवस्था, प्रशासन और समसामयिक विषयों जैसे विषयों को सरल उदाहरणों और स्पष्ट व्याख्या के साथ प्रस्तुत करना उनकी विशेषता है।
NEWS REPUBLIC में उनका प्रयास केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि मुश्किल विषय को आसान बनाकर विद्यार्थी तक पहुंचाना है—ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को विषय समझने में वास्तविक मदद मिल सके।

सुनील जागलान (पंचायत विशेषज्ञ)
सुनील जागलान ने बेटियों के सम्मान और समाज में उनकी स्वीकार्यता को बढ़ाने के लिए ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान के तहत पिताओं से अपनी बेटियों के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की गई थी। देखते ही देखते यह एक ग्लोबल कैंपेन (विश्वव्यापी अभियान) बन गया, जिसने न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
महिला अधिकार और लैंगिक समानता पर मुख्य फोकस
सुनील जागलान का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण भारत है, जहां वे महिलाओं और बेटियों के अधिकारों (Women’s rights) के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उनके सामाजिक कार्यों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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कन्या भ्रूण हत्या का विरोध: हरियाणा, जो कभी कन्या भ्रूण हत्या और बिगड़ते लिंगानुपात के लिए बदनाम था, वहां सुनील जागलान ने सरपंच रहते हुए इस कुप्रथा के खिलाफ जमीनी स्तर पर बड़ी लड़ाई लड़ी।
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लैंगिक समानता (Gender Equality): वे समाज में लड़के और लड़की के बीच के भेदभाव को मिटाने और महिलाओं को समान अधिकार व अवसर दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
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ग्रामीण जागरूकता: एक शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर उन्होंने ग्रामीण भारत की रूढ़िवादी सोच को बदलने के लिए कई अन्य जागरूकता अभियान भी चलाए हैं।

गोंडा में जन्मीं और वहीं से स्नातक तक की शिक्षा पूरी करने वाली ललिता प्रदीप ने साल 1983 में लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। माता-पिता पर आर्थिक रूप से निर्भर न रहने और खुद को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से उन्होंने 1985 में अपनी पहली नौकरी शुरू की थी।
उनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा था कि साल 1992 में उनका चयन राज्य सिविल सेवा (State Civil Services) में हो गया। उनकी पहली पोस्टिंग मऊ जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के तौर पर हुई थी। शिक्षा के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने अपनी एक लोकप्रिय और तेज-तर्रार जनसेवक की छवि बनाई।
उन्होंने ‘महिला समाख्या यूपी’ की निदेशक के रूप में काम किया और साल 2009-2010 के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की ओएसडी (OSD) की अहम जिम्मेदारी भी निभाई। तीन दशक लंबे शानदार करियर के बाद, साल 2022 में वह यूपी शिक्षा विभाग से अपर निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुईं।
रिटायरमेंट के बाद नई पारी: वकालत और ‘शांति फाउंडेशन’
रिटायरमेंट के बाद घर बैठने के बजाय ललिता प्रदीप ने अपने करियर को एक नया मोड़ दिया। वह वर्तमान में कानून की पढ़ाई (LL.B.) कर रही हैं। उन्होंने लॉ में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) कर चुके अपने बेटे के साथ मिलकर एक ‘लॉ फर्म’ (Law Firm) की स्थापना की है।
इसके अलावा, मां-बेटे की इस जोड़ी ने अपनी माता (ललिता प्रदीप की मां) के नाम पर ‘शांति फाउंडेशन ट्रस्ट’ नाम से एक एनजीओ (NGO) भी बनाया है, जिसमें ललिता सह-ट्रस्टी (Co-Trustee) हैं। यह ट्रस्ट शिक्षा और खेलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का काम कर रहा है।
आज भी इन अहम पदों पर हैं सक्रिय
सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद भी ललिता प्रदीप सार्वजनिक जीवन में पूरी तरह सक्रिय हैं। वह वर्तमान में कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं:
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इंडिपेंडेंट डायरेक्टर: स्मार्ट सिटी लिमिटेड, अलीगढ़ (यूपी)
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राज्य आयुक्त (गाइड): भारत स्काउट एंड गाइड, उत्तर प्रदेश
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उपाध्यक्ष (Vice President): यूपी हॉकी
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स्वतंत्र सदस्य: शिकायत निवारण फोरम, यूपीपीसीएल (UPPCL)
अंटार्कटिका से कैलाश मानसरोवर तक की घुमक्कड़ी
ललिता प्रदीप को यात्रा करने का भी गहरा शौक है। वे देश-विदेश की कई दुर्गम और खूबसूरत जगहों की यात्रा कर चुकी हैं। उनकी सबसे यादगार यात्राओं में दक्षिणी गोलार्ध का बर्फीला महाद्वीप ‘अंटार्कटिका’, केन्या का ‘मसाई मारा’ नेशनल रिजर्व और ‘कैलाश मानसरोवर’ की पवित्र यात्रा शामिल है।
सफलता के इस लंबे सफर के बाद ललिता प्रदीप का स्पष्ट मानना है कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसका परिवार और उसके दोस्त ही उसका सबसे बड़ा और असली सपोर्ट सिस्टम होते हैं।

Lt Col Vijay Singh (डिफेंस एडिटर): रक्षा मामलों में दशकों का सैन्य अनुभव। अपने प्रोडक्शन हाउस के जरिये अभी भी देश सेवा में लगे हुए हैं।

अमित तिवारी कानून की पेचीदगियों को सरल बनाने वाले कानूनी विश्लेषक।

परेश पांडेय का नाम एक जनप्रिय पुलिस अफसरों में शुमार है। उन्होंने अपने कॅरिअर की शुरुआत एक अंग्रेजी अखबार में पत्रकार के तौर पर की थी। कुछ महीने बाद ही वह शिक्षा के क्षेत्र में आ गए और नेपाल की राजधानी काठमांडू के एक कॉलेज में लेक्चररशिप की। वर्ष 1987 में उन्होंने पुलिस सेवा जॉइन की। पत्रकारिता और शिक्षा क्षेत्र का अनुभव उनके काफी काम आया और उन्होंने पूरे सेवाकाल में सोशल पुलिसिंग ही की। फरियादियों को वह कभी दुखी और निराश नहीं होने देते थे। जुर्म और जुल्म के शिकार लोगों को हिम्मत बंधाकर उनकी व्यक्तिगत स्तर पर मदद करते थे।

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NEWS REPUBLIC का रिपोर्टिंग नेटवर्क क्षेत्रीय और जमीनी खबरों को प्राथमिकता देता है।

आलोक सिंह
बिहार की सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक नब्ज़ को बारीकी से जानने वाले आलोक सिंह की रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यपरक होती है। ग्राउंड रिपोर्टिंग में इनका अनुभव क्षेत्रीय कवरेज को धार देता है।

जमीनी घटनाओं को खबर में बदलने की मजबूत पकड़ रखने वाले महेंद्र सिंह क्षेत्रीय मुद्दों और स्थानीय सरोकारों पर फोकस करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग में घटनास्थल की वास्तविक तस्वीर, स्थानीय आवाज और खबर के जरूरी पहलुओं को जगह मिलती है। विकास योजनाओं, ग्रामीण रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों को गहराई से उजागर करने वाले पत्रकार, जिनकी रिपोर्ट में दिखता है अनुभव और प्रतिबद्धता।

क्षेत्रीय खबरों की बारीकियों को समझने वाले अजय गुप्ता स्थानीय घटनाक्रमों, प्रशासनिक गतिविधियों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को कवर करते हैं। मौके से तथ्य जुटाकर खबर को स्पष्ट और सहज रूप में पाठकों तक पहुंचाना उनकी रिपोर्टिंग की प्रमुख विशेषता है।

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कैलाश नाथ
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शिवेश मिश्रा
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दीपक श्रीवास्तव लगभग 26 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं, क्राइम, सामाजिक और धार्मिक विषयों पर गहरी पकड़ है। इसके साथ ही ग्रामीण अंचल की ख़बरों पर उनकी घरी नज़र रहती है।
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हर खबर महत्वपूर्ण है।
हर तथ्य मायने रखता है।
और हर पाठक हमारा भरोसा है।




