‘अखिलेश यादव गठबंधन नहीं हैं’, स्वामी प्रसाद मौर्य का तीखा पलटवार

उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा स्वामी प्रसाद मौर्य को गठबंधन में शामिल करने से साफ इनकार किए जाने के बाद ‘अपनी जनता पार्टी’ के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें गठबंधन में रहने या न रहने के लिए सपा प्रमुख से किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।
‘कांग्रेस नेतृत्व तय करेगा गठबंधन का भविष्य’
मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि पूरा गठबंधन कांग्रेस के नेतृत्व में बना है और इसमें किसे शामिल किया जाना है, इसका अंतिम निर्णय भी कांग्रेस नेतृत्व ही करेगा। उन्होंने समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के बयानों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। मौर्य का आरोप है कि इस तरह की बयानबाजी करने वाले नेता अनजाने या जानबूझकर बीजेपी को सत्ता में बनाए रखने में मदद कर रहे हैं, लेकिन जनता उनकी मंश भांप चुकी है।
राहुल गांधी को बताया देश का ‘हीरो’
गठबंधन के भीतर नेतृत्व और अहमियत के सवाल पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने राहुल गांधी को देश का नेता और ‘हीरो’ करार दिया। दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई महारैली का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि उस ऐतिहासिक रैली का आह्वान राहुल गांधी ने किया था, जिसमें 60 प्रतिशत से ज्यादा भीड़ अकेले कांग्रेस की थी, जबकि बाकी 40 प्रतिशत भीड़ अन्य सहयोगी दलों की ओर से आई थी।
राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात और बीजेपी पर तंज
हाल ही में यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के साथ हुई अपनी मुलाकात पर सफाई देते हुए मौर्य ने कहा कि दोनों नेताओं ने रामलीला मैदान की सफल रैली को लेकर एक-दूसरे को बधाई दी थी। उन्होंने इस महारैली को देश में बदलाव और लोकतंत्र की रक्षा का प्रतीक बताया।
इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी द्वारा निकाली जा रही ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा पर भी करारा तंज कसा। मौर्य ने कहा कि बीजेपी को अभी से अपनी ‘शवयात्रा’ निकालने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आने वाले समय में जनता खुद ही उसकी शवयात्रा निकालेगी।

