और इसबार 85 फीट वाला चोपन का रावण गर्दन घुमाकर सबको चौंकाएगा

असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व विजयादशमी पर चोपन का रावण दहन इस बार बेहद खास होने वाला है। रेलवे रामलीला मैदान में 85 फीट ऊंचे विशाल रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इस पुतले की सबसे बड़ी खासियत इसकी तकनीक है, जिसके जरिए रावण की गर्दन चारों दिशाओं में घूमेगी।
जिले में यूं तो कई जगहों पर रावण दहन के कार्यक्रम होते हैं, लेकिन चोपन का पुतला अपनी ऊंचाई और हाईटेक खूबियों की वजह से जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
आधुनिक लाइटों और घूमती गर्दन से लैस है पुतला
रेलवे रामलीला मैदान में तैयार किए जा रहे इस पुतले को पूरी तरह से हाईटेक बनाया गया है। इसमें विशेष रूप से आधुनिक लाइटें लगाई गई हैं। पुतले के ढांचे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि रावण का सिर चारों दिशाओं में आसानी से घूम सके। दशहरे के दिन चारों तरफ घूमता हुआ सिर और उसमें लगी रंग-बिरंगी लाइटें दर्शकों का मुख्य आकर्षण होंगी।
मध्य प्रदेश के कलाकार दिखा रहे हुनर
चोपन की रामलीला में इस वर्ष मध्य प्रदेश से आए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, रावण के इस विशाल पुतले को अंतिम रूप देने के लिए स्थानीय कारीगर और रामलीला समिति के सदस्य दिन-रात जुटे हुए हैं। पुतले के निर्माण कार्य में मुख्य रूप से सियाराम तिवारी, बद्री सिंह और प्रमोद विश्वकर्मा अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
जनसहयोग से आयोजन को भव्य बनाने की तैयारी
रामलीला समिति के अध्यक्ष कमलकिशोर सिंह के मुताबिक, समिति ने इस बार रामलीला की भव्यता को और बढ़ाने का निर्णय लिया था। इसी रणनीति के तहत दशहरे के दिन के लिए यह हाईटेक रावण तैयार कराया जा रहा है।
कमलकिशोर सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों के आर्थिक और शारीरिक सहयोग से ही इस बड़े पुतले का निर्माण संभव हो पा रहा है। रामलीला का मंचन जनसहयोग के बलबूते चल रहा है और दशहरे के मुख्य आयोजन को भी ऐतिहासिक बनाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

