रियाद एयरपोर्ट खुला, फिर भी क्यों रद्द हो रहीं उड़ानें? आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Movement) द्वारा सऊदी अरब के हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचों पर लगातार किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण देश के एविएशन सेक्टर में भारी उथल-पुथल मची हुई है। राजधानी रियाद पर हुए हमलों के बाद दो हफ्ते से बंद किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (King Khalid International Airport) को रविवार, 25 अक्टूबर को फिर से खोल दिया गया है, लेकिन अधिकतर निर्धारित उड़ानें अभी भी रद्द (Cancelled) चल रही हैं।
रियाद एयरपोर्ट खुला, लेकिन अधिकांश उड़ानें ठप
हवाई अड्डे की वेबसाइट के अनुसार, रविवार को दुबई, पेरिस और काहिरा से आने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को टर्मिनल 1 और 2 से संचालित किया गया। हालांकि, एविएशन एनालिटिक्स कंपनी ‘सिरियम’ (Cirium) और फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, बहुत कम विमानों ने ही उड़ान भरी, जबकि बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स रद्द रहीं।
हवा में खौफ: 45% से ज्यादा उड़ानें रद्द
सिरियम के आंकड़ों के अनुसार, 8 अक्टूबर से 25 अक्टूबर के बीच पूरे सऊदी अरब में 17,299 निर्धारित उड़ानों में से 7,802 उड़ानों को रद्द कर दिया गया या वे उड़ान नहीं भर सकीं। यह आंकड़ा देश की कुल निर्धारित उड़ानों का 45.1 प्रतिशत है। अकेले रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही, जहां निर्धारित 4,736 में से 4,071 (85.96 प्रतिशत) उड़ानें रद्द हुईं। इसके अलावा जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर 21.97 प्रतिशत और दम्मम के किंग फहद एयरपोर्ट पर 42.08 प्रतिशत उड़ानों पर असर पड़ा। ताइफ (57.37%), आभा (46.7%) और मदीना (17.96%) के हवाई अड्डे भी प्रभावित हुए हैं।
हमलों का अलर्ट और अमेरिका की चेतावनी
रविवार तड़के भी रियाद में धमाकों की आवाज सुनी गई। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक बैलिस्टिक मिसाइल और दो ड्रोन को रियाद की तरफ और एक क्रूज मिसाइल को खमीस मुशैत की ओर बढ़ने से पहले ही नष्ट करने का दावा किया है। इस दौरान मलबा गिरने से मक्का और मदीना क्षेत्रों में भी नुकसान की खबरें हैं, हालांकि हूतियों ने इन दोनों पवित्र शहरों को निशाना बनाने से इनकार किया है।
सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी भविष्य में और हमलों, एयरस्पेस बंद होने और उड़ानों में बाधा की चेतावनी जारी की है।
विदेशी एयरलाइंस ने बढ़ाई सस्पेंशन की मियाद
लगातार मंडराते खतरे के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने सऊदी अरब के लिए अपनी सेवाएं सस्पेंड कर दी हैं:
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भारतीय एयरलाइंस: इंडिगो ने 31 अक्टूबर तक रियाद, जेद्दा, दम्मम और मदीना की उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 7 नवंबर तक रियाद और दम्मम की उड़ानें रोकी हैं।
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UAE एयरलाइंस: एतिहाद ने 5 नवंबर तक अबु धाबी से दम्मम और रियाद की उड़ानें रद्द की हैं। फ्लाईदुबई ने 29 अक्टूबर तक सेवाएं सस्पेंड की हैं।
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अन्य एयरलाइंस: लुफ्थांसा, केएलएम (KLM), ओमान एयर और ब्रिटिश एयरवेज सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भी अपनी उड़ानों को नवंबर तक के लिए रीशेड्यूल या रद्द किया है।
प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइंस से फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर चेक कर लें।

