अमित शाह मानहानि केस में राहुल गांधी बरी, कांग्रेस बोली ‘सत्य की जीत’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ 2018 में की गई कथित टिप्पणी को लेकर दायर मानहानि के मामले में अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में राहुल गांधी को दोषमुक्त करार दिया। फैसला सुनाए जाने के समय राहुल गांधी खुद कोर्ट में मौजूद थे।
इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जहां कांग्रेस नेता इसे ‘सत्य की जीत’ और संविधान की रक्षा बता रहे हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
अदालत का फैसला: किन आधारों पर मिली राहत?
राहुल गांधी के वकील संतोष कुमार पांडे ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि कोर्ट ने उन्हें IPC की धारा 500 के तहत बरी किया है। अदालत ने अपने फैसले में तीन प्रमुख बातें कहीं:
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बचाव पक्ष द्वारा पेश की गई CD को सबूत के तौर पर स्वीकार किया गया।
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कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता विजय मिश्रा कानूनी रूप से ‘पीड़ित व्यक्ति’ (Aggrieved Person) की श्रेणी में नहीं आते हैं।
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अदालत ने 2018 में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को मानहानिपूर्ण नहीं माना।
राहुल गांधी के प्रतिनिधि वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने भी स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता मामले को साबित करने में पूरी तरह से विफल रहे।
कांग्रेस का BJP पर आक्रामक हमला
कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने ‘सत्यमेव जयते’ का नारा देते हुए BJP पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, “माननीय न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि अमित शाह के बारे में राहुल जी के 2018 के बयान में कुछ भी मानहानिकारक नहीं है। हम गांधीवादी रास्ते पर चलकर इन अपराधियों को हराएंगे।”
पार्टी सांसद पवन खेड़ा ने कहा, “अदालत ने मान लिया है कि अमित शाह को लेकर दिया गया बयान मानहानि के दायरे में नहीं आता। राहुल गांधी लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में सबसे आगे हैं और उनके हथियार सत्य और अहिंसा हैं।”
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, सुप्रिया श्रीनेत, इमरान प्रतापगढ़ी और यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे सरकारी साजिश की हार और न्यायपालिका पर भरोसे की जीत बताया।
BJP का तंज: ‘अदालत ने बरी किया, जनता नहीं करेगी’
कांग्रेस के जश्न के बीच BJP ने भी कड़ा पलटवार किया है। बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कोर्ट के फैसले पर तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी को कोर्ट ने भले ही दोषमुक्त किया हो, लेकिन देश की जनता उन्हें कभी दोषमुक्त नहीं करेगी।”
जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी की राजनीतिक जिम्मेदारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज संसद में ब्रिक्स (BRICS) का सम्मेलन है और नेता प्रतिपक्ष होने के बावजूद राहुल गांधी उसमें शामिल नहीं हुए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि पहले राहुल गांधी प्रधानमंत्री के माता-पिता को गाली देते थे और अब उनके अध्यक्ष भी ऐसा ही कर रहे हैं।
हादसे की जांच के लिए SIT का गठन
सुल्तानपुर जाते समय सोमवार को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (माइलस्टोन 91, हलियापुर थाना क्षेत्र) पर राहुल गांधी के काफिले में शामिल वाहनों के बीच टक्कर हो गई थी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने इस हादसे की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।
रामलीला मैदान से दिल्ली के व्यापारियों को संदेश
कोर्ट से बरी होने के बाद राहुल गांधी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा, “दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं रहता।” राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी दोहराई।

