नक्शे के लिए नहीं करना होगा लंबा इंतजार? नए नियमों से किसे मिलेगी राहत

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Industrial Development Authorities) क्षेत्रों में अब मकान या दुकान बनाने के लिए नक्शा (Map) पास कराना बेहद आसान हो गया है। योगी सरकार द्वारा लागू किए गए ‘मॉडल भवन विनियम 2026’ (Model Building Byelaws 2026) के तहत निर्माण अनुमति की पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बना दिया गया है।

नए नियमों के अनुसार, अब 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय (Residential) और 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक (Commercial) भूखंडों पर निर्धारित शर्तें पूरी होने पर नक्शे को ऑटोमैटिक (स्वत:) स्वीकृति मिल जाएगी। इसके अलावा, छोटे प्लॉट्स के लिए मात्र एक रुपये के टोकन शुल्क पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी दी गई है।

क्या थी पुरानी व्यवस्था और क्या होगी राहत?

पुरानी व्यवस्था के तहत, छोटे भूखंडों पर भी निर्माण शुरू करने से पहले ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता था। इसमें नियोजन विभाग के परीक्षण के बाद अधिकतम 15 दिनों का समय लगता था। अक्सर छोटी-मोटी आपत्तियों के कारण नक्शे अटक जाते थे और लोगों को प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। नई व्यवस्था लागू होने से आवंटियों को इन झंझटों से बड़ी राहत मिलेगी।

1 रुपये के टोकन शुल्क पर सेल्फ सर्टिफिकेशन

प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, नए नियमों में छोटे भूखंड धारकों का विशेष ध्यान रखा गया है।

  • 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंड और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों पर निर्माण के लिए सिर्फ 1 रुपये के टोकन शुल्क पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सेल्फ सर्टिफिकेशन (स्व-प्रमाणन) की सुविधा दी गई है।
  • 500 वर्ग मीटर (आवासीय) और 200 वर्ग मीटर (व्यावसायिक) के प्लॉट्स पर शर्तें पूरी होने पर नक्शे को सिस्टम द्वारा ऑटो-अप्रूवल दे दिया जाएगा।

नक्शा पास कराने की शर्तें

इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीकी रूप से सही बनाए रखने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं:

  1. नक्शा केवल एक रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट (वास्तुकार) से ही तैयार करवाना अनिवार्य होगा।

  2. निर्धारित शुल्क के साथ उस नक्शे को प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन जमा करना होगा।

  3. यह ऑटो-पास सुविधा केवल उन्हीं भूखंडों पर लागू होगी, जो प्राधिकरण द्वारा विधिवत आवंटित (Allotted) या स्वीकृत किए गए हैं।

अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सभी प्राधिकरणों को दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ लक्ष्मी वीएस ने बताया कि शासन स्तर पर नियमों को काफी सरल किया गया है। प्राधिकरण वर्तमान में इन नए नियमों का बारीकी से अध्ययन कर रहा है। इसे जल्द ही एक आधिकारिक कार्यालय आदेश (Office Order) के रूप में जारी किया जाएगा और अगली बोर्ड बैठक में भी प्रस्तुत किया जाएगा।