नागपुर तक कैसे पहुंची पुलिस? शिवा शर्मा केस में 200 CCTV से मिला सुराग

लखनऊ के बहुचर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार चल रही मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को उत्तर प्रदेश पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रही थी। फरारी के दौरान वह नेपाल भी गई थी।
नागपुर की अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद अब यूपी एसटीएफ की वाराणसी यूनिट उसे लेकर लखनऊ आ रही है।
शिवा की मां ने कहा- ‘सीएम योगी और पुलिस का आभार’
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी पर शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने राहत की सांस ली है। उन्होंने विजयादशमी के दिन हुई इस गिरफ्तारी को न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। रंजना शर्मा ने कहा, “मुझे भरोसा है कि अब मुझे न्याय मिलेगा। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश पुलिस का धन्यवाद करती हूं।” उन्हें उम्मीद है कि पुलिस की आगे की पूछताछ में मामले से जुड़े सभी अहम तथ्य सामने आएंगे।
नेपाल से कानपुर और फिर नागपुर का सफर
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा दुबे फरारी के दौरान नेपाल भाग गई थी। वहां से वापस लखनऊ लौटने के बाद उसने अपनी लोकेशन फिर बदली। 17 अक्टूबर को वह लखनऊ से कानपुर, फिर फतेहपुर और सतना होते हुए महाराष्ट्र के नागपुर पहुंची।
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि यूपी नंबर की एक किराये की गाड़ी से तीन संदिग्ध नागपुर पहुंचे हैं। वे पहले गणेशपेठ इलाके में गए और वहां से ई-रिक्शा लेकर चिंचभुवन इलाके की ओर गए।
200 CCTV कैमरों की मदद से 11वीं मंजिल तक पहुंची पुलिस
ई-रिक्शा के रूट का पता चलने के बाद पुलिस और STF की टीम ने उस रास्ते पर लगे करीब 200 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस चिंचभुवन इलाके के एक अपार्टमेंट तक पहुंची। पुलिस ने 11वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट (जो किराये पर लिया गया था) में छापेमारी कर श्रद्धा दुबे को धर दबोचा।
सूत्रों के मुताबिक, पहचान छिपाने के लिए श्रद्धा अपनी बहन और ड्राइवर के साथ सफर के दौरान कथित तौर पर बुर्का पहनकर घूम रही थी।
क्या नागपुर से मुंबई भागने की थी तैयारी?
जांचकर्ताओं का दावा है कि नागपुर श्रद्धा दुबे का आखिरी ठिकाना नहीं था, बल्कि वह वहां से मुंबई भागने की फिराक में थी। सूत्रों के अनुसार, मुंबई में उसके एक करीबी जुल्फिकार उर्फ जुल्फी ने उसके ठहरने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने का भी इंतजाम कर रखा था। हालांकि, मुंबई जाने की इस योजना और जुल्फिकार की भूमिका की अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
लखनऊ पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इतने लंबे समय तक फरारी काटने में श्रद्धा की मदद किसने-किसने की और पूरी साजिश के पीछे और कौन लोग शामिल हैं।

