महाकाल से राम मंदिर तक दिग्विजय सिंह का पैदल मार्च और कांग्रेस की दूरी

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संजीव पॉल
संजीव पॉल

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भगवान राम की नगरी अयोध्या के लिए अपनी 950 किलोमीटर लंबी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का आगाज कर दिया है। पत्नी अमृता सिंह के साथ उज्जैन में महाकाल और चिंतामन गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद यह यात्रा शुरू की गई। करीब 70 दिनों तक चलने वाली इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य बड़े मंदिरों के चढ़ावे और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता की मांग उठाना है।

यात्रा का दायरा और अनुमानित खर्च

उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक जाने वाले इस 950 किलोमीटर के सफर में हर दिन औसतन 30 से 50 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। छोटे ग्रामीण पड़ावों पर 20-30 हजार और बड़े पड़ावों पर 50-60 हजार रुपये के खर्च के हिसाब से पूरी यात्रा का बजट करीब 30 से 40 लाख रुपये आंका गया है। दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह ने 79 वर्ष की उम्र में अपने पिता द्वारा उठाए गए इस शारीरिक और मानसिक संकल्प को एक बड़ी चुनौती बताया है।

कांग्रेस की ‘आधिकारिक’ दूरी, लेकिन नेताओं और संतों का साथ

इस यात्रा की राजनीतिक तस्वीर काफी दिलचस्प है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर इस यात्रा से दूरी बना रखी है, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा जैसे बड़े नेता पहले ही दिन दिग्विजय सिंह के समर्थन में सड़क पर उतरे। जीतू पटवारी ने दावा किया कि इस यात्रा के जरिए मंदिर चंदे में हुई कथित गड़बड़ियों का पर्दाफाश किया जाएगा।

राजनीतिक समर्थन के अलावा दिग्विजय सिंह को कई प्रमुख संतों का भी साथ मिला है। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा और अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि श्रीमद् रामकृष्णानंद जी महाराज ने भी यात्रा को अपना आशीर्वाद दिया है।

अमृता सिंह ने याद दिलाया ‘रावण वध’ का संकल्प

यात्रा के संदर्भ में दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता सिंह का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने इस यात्रा को धर्म और अधर्म की लड़ाई करार दिया। अमृता सिंह ने कहा कि जिस तरह भगवान राम ने भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर रावण वध का संकल्प लिया था और लंका पर चढ़ाई की थी, उसी तरह दिग्विजय सिंह अधर्म करने वालों पर धर्म की विजय का संकल्प लेकर इस कठिन मार्ग पर निकले हैं।

बीजेपी का पलटवार: ‘यह सनातन को तोड़ने वाली यात्रा’

दिग्विजय सिंह के इस कदम पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तंज कसते हुए कहा कि भगवान के नाम पर यात्रा करने के पीछे मन का भाव भी पवित्र होना चाहिए।

वहीं, कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने इसे ‘सनातन को तोड़ने वाली यात्रा’ करार दिया। उन्होंने दिग्विजय सिंह के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि यह यात्रा पहले ही बेनकाब हो चुकी है। इसके अलावा, मॉडल से साध्वी बनीं हर्षानंद गिरि ने भी यात्रा की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही इन नेताओं को भगवान राम और इंसाफ की याद आने लगती है।