यूपी में आज से नया नियम: खुली मिठाई खरीदने से पहले देखिए Use By Date

उत्तर प्रदेश में अब कोई भी मिठाई विक्रेता ग्राहकों को पुरानी या बासी मिठाई नहीं बेच पाएगा। राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक सख्त और अहम नियम लागू किया है। इस नए आदेश के तहत प्रदेश भर की सभी मिठाई की दुकानों में शोकेस, शीशे के अंदर या ट्रे में रखी जाने वाली हर खुली मिठाई पर ‘Use By Date’ या ‘Expiry Date’ (इस्तेमाल की अंतिम तिथि) लिखना अनिवार्य कर दिया गया है।
शासन ने इस संबंध में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग को कड़े निर्देश भेज दिए हैं। जिसके बाद विभाग अब प्रदेश के हर छोटे-बड़े हलवाई और मिठाई विक्रेताओं को नोटिस जारी कर इस नियम का सख्ती से पालन करने को कह रहा है।
क्यों लाया गया यह नियम?
अक्सर त्योहारी सीजन या आम दिनों में दुकानों पर सजी रंग-बिरंगी मिठाइयां देखने में तो ताजी लगती हैं, लेकिन ग्राहकों को यह पता नहीं होता कि वे कब बनी हैं। डिब्बाबंद या पैकेट वाली मिठाइयों पर तो एक्सपायरी डेट लिखी होती है, लेकिन खुली मिठाइयों के मामले में कोई जानकारी नहीं होती।
अधिकारियों के मुताबिक, कई दुकानदार इसी कमी का फायदा उठाकर ग्राहकों को 2 से 3 दिन पुरानी मिठाई बेच देते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और पेट खराब होने जैसी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। इस नए नियम के लागू होने के बाद अब ग्राहक खुद यह जान सकेंगे कि कोई भी मिठाई (जैसे रसगुल्ला या पेड़ा) ताजी है या पुरानी। मिठाई की सामग्री के हिसाब से उसकी शेल्फ लाइफ 1 दिन से लेकर 1 महीने तक की होती है।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रही दुकानों पर भी नजर
इस फैसले के पीछे का एक बड़ा कारण मिठाई कारोबार का असंगठित स्वरूप भी है। उदाहरण के तौर पर अकेले कुशीनगर जिले में कागजों पर महज 547 पंजीकृत (रजिस्टर्ड) दुकानें हैं, जबकि हकीकत में 2,100 से अधिक दुकानें संचालित हो रही हैं। ऐसे में पूरे उत्तर प्रदेश में लाखों की संख्या में ऐसी दुकानें हैं, जहां गुणवत्ता की निगरानी जरूरी हो गई थी।
नियम नहीं मानने पर होगी सख्त कार्रवाई
सहायक खाद्य आयुक्त प्रदीप राय ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि 15 अक्टूबर से सभी मिठाई विक्रेताओं के लिए एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य हो गया है। जो भी दुकानदार इस नियम का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस फैसले पर स्थानीय दुकानदारों का भी कहना है कि वे आदेश का पूरी तरह पालन करेंगे और उतनी ही मिठाई तैयार करेंगे जितनी उसी दिन बिक जाए, क्योंकि खराब मिठाई बेचना व्यापार के लिए ठीक नहीं है। इस फैसले से ग्राहक भी काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

