बारिश में भीगी धान की बोरियां, अब खरीद और भुगतान में देरी का डर

हरियाणा के रोहतक में सुबह से हो रही तेज बारिश ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ा लाखों टन धान और बोरियों में भरी फसल बारिश के पानी में पूरी तरह से भीग गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद प्रशासन की ओर से फसल ढकने के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है।
खरीद में देरी और बारिश की दोहरी मार
मंडियों में धान लेकर पहुंचे किसान पहले से ही खरीद प्रक्रिया में हो रही देरी का सामना कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि वे पिछले तीन दिनों से अपनी फसल लेकर मंडी में खुले आसमान के नीचे इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक धान की खरीद नहीं हो सकी है। अब इस बेमौसम बारिश ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया है। खुले में पड़ा धान भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है, जिसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा।
प्रशासन की लापरवाही पर किसानों का फूटा गुस्सा
तेज आंधी-तूफान और बारिश के बाद मंडी में फसल की बर्बादी देखकर किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि हर साल प्रशासन की इसी लापरवाही के कारण लाखों टन अनाज भीगता है, लेकिन मंडी प्रशासन के पास इसका कोई ठोस जवाब नहीं होता। उनका तर्क है कि मंडियों में धान की भारी आवक को देखते हुए पहले से ही तिरपाल और बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए थे, ताकि मौसम बिगड़ने पर फसल को सुरक्षित रखा जा सके।
मंडी अधिकारियों का दावा- शेड में है पर्याप्त जगह
फसल भीगने और अव्यवस्था के आरोपों के बीच मंडी अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा है। अधिकारियों का दावा है कि धान को सुरक्षित रखने के लिए मंडी परिसर के शेड में पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे मौसम को देखते हुए अपना धान शेड के अंदर ही रखें, ताकि बारिश से बचाव हो सके। प्रशासन की ओर से किसानों को यह भरोसा भी दिया गया है कि उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

