HDFC बैंक में बिजनेस रणनीति लीक होने के मामले में क्या है पूरा विवाद

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Gautam Kumar Agarwal
Gautam Kumar Agarwal

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक में गोपनीय जानकारी लीक होने का बड़ा मामला सामने आया है। बैंक की एक आंतरिक जांच (Internal Probe) में इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि दो सीनियर अफसरों ने बैंक की कॉन्फिडेंशियल बिजनेस स्ट्रेटजी और बाजार पर असर डालने वाली अहम जानकारियों को बाहरी लोगों के साथ साझा किया है। आरोपी दोनों अधिकारी बैंक के प्रमुख बिजनेस और कामकाज से जुड़े हुए हैं।

जांच में क्या आया सामने?

HDFC बैंक के कुछ सीनियर अफसरों को गोपनीय जानकारी बाहर जाने की आशंका हुई थी, जिसके बाद यह आंतरिक जांच शुरू की गई। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, इस जांच के नतीजों से इस साल की शुरुआत में ही सीनियर मैनेजमेंट और बोर्ड के सदस्यों को अवगत करा दिया गया था। जांच दल अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि क्या लीक की गई इन जानकारियों का बाहरी लोगों ने कोई गलत इस्तेमाल किया है।

जिन दो अफसरों पर जानकारी लीक करने का आरोप है, उन्हें जांच के नतीजों के बारे में औपचारिक रूप से बता दिया गया है। उनके खिलाफ क्या दंडात्मक कार्रवाई होगी, यह अभी तय नहीं हुआ है।

HDFC बैंक का आधिकारिक बयान

मामले के तूल पकड़ने के बाद HDFC बैंक के प्रवक्ता ने आंतरिक समीक्षा चलने की बात स्वीकार की है। प्रवक्ता ने एक ईमेल बयान में कहा, ‘हमारी नीतियों के अनुसार, इस मामले में सभी जरूरी तथ्यों को जुटाने और उनका मूल्यांकन करने के लिए एक आंतरिक समीक्षा चल रही है। समीक्षा पूरी होने के बाद जो भी नतीजे सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।’

बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह नैतिकता और गवर्नेंस के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नियमों के उल्लंघन की किसी भी रिपोर्ट को गंभीरता से लेता है।

नए CEO अनूप बागची के लिए बड़ी चुनौती

जानकारी लीक होने का यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब बैंक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। HDFC बैंक के इतिहास में पहली बार किसी बाहरी व्यक्ति को CEO की कमान सौंपी जा रही है। ICICI ग्रुप से लंबे समय तक जुड़े रहे अनूप बागची 27 अक्टूबर को HDFC बैंक के नए CEO का पदभार ग्रहण करेंगे। बागची की नियुक्ति मौजूदा CEO शशिधर जगदीशन की जगह हो रही है, जिन्होंने छह साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद दूसरा कार्यकाल न लेने का फैसला किया है।

बोर्डरूम विवाद और शीर्ष स्तर पर फेरबदल

HDFC बैंक के भीतर पिछले कुछ महीनों से लगातार उथल-पुथल की स्थिति बनी हुई है। मार्च महीने में तत्कालीन चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने बैंक के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाते हुए अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में हुई बैंक की आंतरिक जांच में चक्रवर्ती के दावे सही साबित नहीं हुए थे।

शीर्ष स्तर पर हो रहे इन बदलावों की कड़ी में बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (Deputy MD) कैजाद भरूचा ने भी दिसंबर के अंत तक अपना पद छोड़ने की इच्छा जता दी है। भरूचा बैंक के सबसे पुराने और प्रमुख अधिकारियों में गिने जाते हैं।