सोना ₹689 तक टूटा, चांदी में भी गिरावट, जानिए 21 अक्टूबर के भाव

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Gautam Kumar Agarwal
Gautam Kumar Agarwal

सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन घरेलू और वैश्विक कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर में मजबूती, कच्चे तेल के ऊंचे स्तर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से दोनों कीमती धातुओं पर दबाव देखा गया। घरेलू बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना फिसलकर करीब 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.09 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती नजर आई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर फिसली धातुएं

कॉमेक्स (Comex) पर बुधवार को सोने और चांदी दोनों के भाव में कमजोरी रही। खबर लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.23 प्रतिशत कमजोर होकर 4,133 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। वहीं चांदी की कीमतों में 1.03 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 57.405 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। वैश्विक स्तर पर बनी इसी नरमी का सीधा असर भारतीय वायदा बाजार पर भी दिखा।

MCX पर सोना और चांदी के ताजा रेट

भारतीय कमोडिटी बाजार में दोनों धातुओं के भाव लाल निशान में रहे:

  • सोना (Gold): MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 519 रुपये (0.35%) टूटकर 1,46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दिन के कारोबार में यह 1,46,328 रुपये पर खुला और निचले स्तर पर 1,45,689 रुपये तक लुढ़क गया।

  • चांदी (Silver): चांदी में 2,267 रुपये यानी 1.07 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई। यह 2,09,218 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी, जबकि दिन के कारोबार में इसने 2,08,801 रुपये का निचला स्तर भी छुआ।

फेडरल रिजर्व की बैठक और ब्याज दरों की आशंका

बाजार जानकारों के अनुसार, निवेशक 27-28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक का इंतजार कर रहे हैं। बाजार में अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 16 प्रतिशत आंकी जा रही है, जबकि दिसंबर में बढ़ोतरी की संभावना लगभग 90 प्रतिशत तक मानी जा रही है।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि ब्याज दरों में इजाफा होने से बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों (Non-yielding assets) जैसे सोने की मांग घटती है। मजबूत डॉलर इंडेक्स के कारण भी निवेशक फिलहाल नई खरीदारी से बच रहे हैं।

कच्चे तेल में तेजी और आगामी PCE आंकड़े अहम

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में क्षेत्रीय तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी ऊर्जा खरीदारों पर अतिरिक्त टैरिफ हटाने के हालिया फैसले के बाद कच्चे तेल के दामों में हलचल बनी हुई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर करेगी। यदि महंगाई के आंकड़े सख्त आते हैं, तो ब्याज दरें बढ़ने के संकेत मजबूत होंगे और कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है।