नेशनल कॉन्फ्रेंस में फूट की अटकलें खारिज, फारूक बोले- पार्टी एकजुट है

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अजमल शाह
अजमल शाह

जम्मू-कश्मीर की सियासत में आगा सैयद रुहुल्ला के इस्तीफे के बाद से यह अटकलें तेज थीं कि सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) में सब कुछ ठीक नहीं है और पार्टी के भीतर गहरा असंतोष पनप रहा है। हालांकि, अब इन सभी खबरों और दावों को खुद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और दिग्गज नेता फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने सिरे से खारिज कर दिया है।

पार्टी के भीतर मचे इस बवाल को शांत करने और ‘डैमेज कंट्रोल’ के मकसद से, फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर में पार्टी के नेताओं और विधायकों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट है।

‘सोचने वाले समझ लें, संगठन कभी नहीं टूटेगा’

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “यह खबरें बिल्कुल गलत हैं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस बिखर रही है। जो लोग यह सोचते हैं कि वे इस संगठन को तोड़ सकते हैं, उन्हें साफ समझ लेना चाहिए कि यह पार्टी न तो कभी टूटी है और न ही कभी टूटेगी।”

विधायकों की नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि विधायकों के मुद्दे जायज थे और उन पर उचित ध्यान दिया गया है। सबकी बात सुनी गई है। अब्दुल्ला ने आश्वासन दिया, “कुछ कदम जल्द उठाए जाएंगे, जबकि बाकी कदम धीरे-धीरे उठाए जाएंगे। हम पार्टी और सरकार को मजबूत करेंगे ताकि लोगों की परेशानियों को दूर किया जा सके। विधायकों के जो भी मुद्दे हैं, उन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।”

‘अनुच्छेद 370 और 35A की लड़ाई जारी रहेगी’

फारूक अब्दुल्ला ने इस मौके पर पार्टी के मुख्य वैचारिक स्टैंड को भी दोहराया। उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) बहाल कराने की हमारी लड़ाई और अनुच्छेद 370 तथा 35A के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा, और इसे इसके अंतिम मुकाम तक जरूर पहुंचाया जाएगा।”

बागी माने जा रहे विधायक नजीर अहमद ने भी दी सफाई

बैठक के बाद विधायक नजीर अहमद खान का बयान भी सामने आया, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि पार्टी में ‘ऑल इज वेल’ (सब ठीक) है।

नजीर अहमद ने मीडिया के दावों को गलत बताते हुए कहा, “हम हर बार अपनी समस्याओं को लेकर पार्टी नेतृत्व के पास ही जाते हैं। कुछ दिन पहले हम (कुछ विधायक) एक जगह साथ बैठे थे, और मीडिया ने इसे ऐसे दिखाया मानो नेशनल कॉन्फ्रेंस से अलग कोई नई पार्टी बन गई हो। मैं स्पष्ट कर दूं कि कोई नई पार्टी नहीं बनी है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारी कुछ समस्याएं थीं, जिन्हें हमने मुख्यमंत्री (उमर अब्दुल्ला) और फारूक साहब के सामने रखा है। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कुछ राजनीतिक व अन्य मामलों का समाधान तुरंत किया जाएगा, जबकि बाकी पर धीरे-धीरे काम किया जाएगा।”