खरगे की बैठक से पहले कांग्रेस में भूचाल? गोवा में 108 BLA ने छोड़ी पार्टी

गोवा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के जमीनी संगठन को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के गोवा दौरे और BLA की बैठक से ठीक पहले सोमवार, 17 अगस्त को पार्टी के 108 बूथ लेवल एजेंटों ने इस्तीफा दे दिया। खरगे को इसी दिन गोवा में BLA की बैठक को संबोधित करना था। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में इस्तीफों ने कांग्रेस की चुनावी तैयारियों और बूथ स्तर के संगठन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बैठक से पहले बड़ा झटका
मल्लिकार्जुन खरगे के गोवा पहुंचने के दौरान ही पार्टी के बूथ स्तर से जुड़े 108 BLA के इस्तीफे सामने आए। BLA कांग्रेस के चुनावी संगठन में सीधे बूथ स्तर पर काम करने वाले प्रतिनिधि होते हैं। ऐसे में चुनाव से कुछ समय पहले इतनी बड़ी संख्या में उनका पार्टी से अलग होना संगठन के लिए सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम से अलग माना जा रहा है।
दिए गए विवरण के मुताबिक, इस्तीफों का सिलसिला यहीं रुकने की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में कुछ और BLA भी इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन इस्तीफों के पीछे सभी BLA की ओर से कोई एक साझा कारण या विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल इसके पीछे किसी एक वजह को निश्चित कारण बताना उचित नहीं होगा।
बूथ पर BLA की अहम भूमिका
बूथ लेवल एजेंट यानी BLA किसी राजनीतिक दल की ओर से बूथ स्तर पर काम करने वाला प्रतिनिधि होता है। चुनाव के दौरान उसकी भूमिका मतदाता सूची से जुड़े काम, संबंधित बूथ की जानकारी रखने और चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखने से जुड़ी होती है।
यही वजह है कि एक साथ 108 BLA का इस्तीफा कांग्रेस के लिए केवल संख्या का मामला नहीं है। बूथ स्तर पर संगठन की मौजूदगी किसी भी चुनावी अभियान की बुनियादी जरूरत होती है। ऐसे में इतने बड़े पैमाने पर इस्तीफे होने से पार्टी के स्थानीय संगठन और चुनावी तैयारियों की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अब कांग्रेस के सामने चुनौती
गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है और ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए बूथ स्तर का नेटवर्क मजबूत करना अहम होगा। कांग्रेस के सामने अब इस्तीफा देने वाले BLA की जगह नए प्रतिनिधियों की व्यवस्था करने और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय बनाए रखने की चुनौती होगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 108 इस्तीफों के बाद यह मामला यहीं थम जाएगा या आने वाले दिनों में इस्तीफों की संख्या और बढ़ेगी। फिलहाल इतना जरूर है कि खरगे की बैठक से ठीक पहले सामने आया यह घटनाक्रम कांग्रेस के गोवा संगठन के लिए चुनाव से पहले एक गंभीर राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
