सोनभद्र में एंबुलेंस का इंतजार, सड़क पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म

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Ajay Gupta
Ajay Gupta

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। जिले के बीजपुर स्थित एनटीपीसी रिहंद (NTPC Rihand) परिसर के ईडीसी (EDC) गेट के सामने भारी लापरवाही के चलते एक गर्भवती महिला को सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद वे लगातार एंबुलेंस के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन एक घंटे तक कोई मदद नहीं पहुंची।

एक घंटे तक तड़पती रही महिला, सड़क पर हुआ प्रसव

प्राप्त जानकारी के अनुसार, डोडहर इलाके के रहने वाले अर्जुन की पत्नी रेशमा को गुरुवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे से ही उन्होंने आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के लिए संपर्क करना शुरू कर दिया था। काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई और महिला का दर्द असहनीय हो गया, तो मजबूरी में ईडीसी गेट के सामने सड़क पर ही महिला का प्रसव हो गया।

‘लोग गुजरते रहे, किसी ने नहीं की मदद’

पीड़ित महिला के पति अर्जुन ने आरोप लगाया है कि जब उनकी पत्नी सड़क पर दर्द से तड़प रही थी, उस दौरान ड्यूटी पर जाने वाले कई लोग वहां से गुजरे, लेकिन किसी ने समय पर उनकी मदद नहीं की।

  • काफी जद्दोजहद के बाद, मौके पर मौजूद एनटीपीसी के एक कर्मचारी ने पहल की और अस्पताल से संपर्क साधा।

  • इस संपर्क के बाद भी एंबुलेंस करीब एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंची।

  • घटना के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को तुरंत नजदीकी ‘धन्वंतरी अस्पताल’ में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल दोनों की हालत स्थिर और सुरक्षित बताई जा रही है।

अस्पताल प्रबंधन पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप

लापरवाही का यह मामला यहीं नहीं रुका। परिजनों ने धन्वंतरी अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के एवज में 10 हजार रुपये की अनुचित मांग करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

यह घटना इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि ईडीसी गेट से धन्वंतरी अस्पताल की दूरी महज एक से डेढ़ किलोमीटर के बीच है। इतनी कम दूरी होने के बावजूद एंबुलेंस पहुंचने में हुई देरी ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। फिलहाल, इस पूरे मामले में एनटीपीसी रिहंद प्रबंधन और धन्वंतरी अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है।