अखिलेश यादव का जन्मदिन 1 जुलाई और 23 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है

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अजमल शाह
अजमल शाह

समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जन्मदिन शुक्रवार को लखनऊ में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खास अंदाज में मनाया। इस अवसर पर एसिड अटैक सर्वाइवर्स के साथ केक काटा गया और उन्हें उपहार व मिठाइयां भेंट की गईं।

साल में दो बार मनाया जाता है जन्मदिन

राजनीतिक गलियारों में अखिलेश यादव शायद ऐसे अकेले नेता हैं, जिनका जन्मदिन साल में दो बार मनाया जाता है। दस्तावेजों में दर्ज तारीख के अनुसार हर साल 1 जुलाई को उनका आधिकारिक जन्मदिन सार्वजनिक रूप से मनाया जाता है, जिसमें वह स्वयं भी शामिल होते हैं।

वहीं, 23 अक्टूबर को उनका ‘असली’ जन्मदिन (जन्म का दिन) माना जाता है। इस दिन मुख्य रूप से पार्टी के करीबी नेता और समर्थक पोस्टर लगाकर और केक काटकर जश्न मनाते हैं।

एसिड सर्वाइवर्स का सम्मान और ‘पीडीए’ का जिक्र

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि इस बार जन्मदिन पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने समाज में पीछे छूट गई महिलाओं को आगे लाने और उनकी मदद करने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में एसिड सर्वाइवर्स के साथ यह आयोजन किया गया।

प्रवक्ता के मुताबिक, अखिलेश यादव गरीब, शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के हक के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और सामाजिक न्याय पर आधारित राज्य की स्थापना के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख द्वारा दिया गया ‘पीडीए’ (PDA) का फॉर्मूला मुख्य रूप से उन पीड़ित और पिछड़े वर्गों के लिए है, जिन पर लगातार अत्याचार हो रहा है।

चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी

अखिलेश यादव का यह जन्मदिन ऐसे राजनीतिक माहौल में मनाया गया, जब उत्तर प्रदेश में खंड शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया चल रही है। पार्टी का पूरा फोकस आगामी विधानसभा चुनावों पर भी है।

जश्न के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे पूरी ताकत के साथ चुनावी तैयारियों में जुटेंगे और 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव को फिर से प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाएंगे।