ईरान ने अपडेट की टारगेट लिस्ट, सेना को मिला बिना सीमा जवाब का निर्देश

iran
सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने शनिवार को देश के शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अमेरिका और इजरायल (ज़ायोनी दुश्मन) को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि उनके किसी भी हमले का जवाब “भौगोलिक रूप से बिना किसी सीमा के” दिया जाए।

तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, खामेनेई ने सैन्य अधिकारियों से कहा, “किसी भी स्तर या प्रकार के खतरे का जवाब तुरंत, प्रभावशाली ढंग से और भौगोलिक रूप से बिना किसी सीमा के दिया जाना चाहिए।”

दुश्मन की हर संपत्ति हो ‘टारगेट बैंक’ में

कमांडर-इन-चीफ मोजतबा खामेनेई ने “दुश्मनों के साथ जोरदार मुकाबले के लिए समझदारी भरी युद्ध-तैयारी” को ‘अधिकतम प्रतिरोध’ (मैक्सिमम डिटेरेंस) की पहली आवश्यकता बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर दुश्मन फिर से सैन्य या आतंकवादी हमले शुरू करते हैं, तो ईरानी सशस्त्र बल और राष्ट्र ही यह तय करेंगे कि इन हमलों को कब और किन शर्तों पर खत्म करना है।

सर्वोच्च नेता ने निर्देश दिया कि सेना की ‘टारगेट बैंक’ (लक्ष्यों की सूची) को इस तरह अपडेट किया जाना चाहिए कि अमेरिकी और ज़ायोनी दुश्मन की सभी प्रकार की भौतिक और गैर-भौतिक संपत्तियां ईरानी सशस्त्र बलों की पहुंच में आ जाएं।

हथियारों और जिहाद की भावना पर जोर

खामेनेई ने सैन्य खुफिया ढांचे को मजबूत करने, स्वदेशी रक्षा प्रणाली को गहरा करने और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से अत्याधुनिक रक्षा क्षमताएं विकसित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने सेना में ‘आध्यात्मिक शक्ति और जिहाद की भावना’ को भी मजबूत करने की बात कही। उन्होंने सशस्त्र बलों की आजीविका संबंधी जरूरतों को पूरा करने और उन्हें हर संभव समर्थन देने के निर्देश दिए।

जन-समर्थन और प्रतिरोध मोर्चे की सराहना

सशस्त्र बलों के लिए मिल रहे जन-समर्थन को खामेनेई ने प्रतिरोध का मुख्य स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि पिछले आठ महीनों से देश की जनता का सड़कों पर डटे रहना, आठ साल तक चले ‘पवित्र रक्षा’ संघर्ष का ही विस्तार है। उन्होंने विभिन्न देशों में सक्रिय ‘प्रतिरोध मोर्चे’ की दृढ़ता की भी सराहना की और कहा कि यह एकजुटता पश्चिमी एशिया में नई राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था को आकार देने में निर्णायक साबित होगी।

बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?

इस उच्च स्तरीय बैठक में ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही, ईरानी सेना के कमांडर मेजर जनरल अमीर हातामी और इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर मेजर जनरल अहमद वाहिदी मौजूद रहे।

इन सैन्य अधिकारियों ने फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य, ओमान सागर और देश की उत्तर-पश्चिमी व दक्षिण-पूर्वी सीमाओं पर तैनात सुरक्षा बलों की तैयारियों की रिपोर्ट सर्वोच्च नेता को पेश की। कमांडरों ने जानकारी दी कि गोला-बारूद, निगरानी उपकरणों और युद्धक हथियारों के उत्पादन में कई गुना वृद्धि की गई है।