तुर्की का रेयर अर्थ भंडार चीन को चुनौती दे पाएगा? क्षमता पर बड़े सवाल

चीन के शोधकर्ताओं ने तुर्की (Turkey) के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण माने जाने वाले दुर्लभ पृथ्वी (Rare Earth) खनिजों के भंडार ‘किजिलकाओरेन डिपॉजिट’ (Kizilcaoren deposit) के भूगर्भीय विकास का खाका तैयार किया है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने इस भंडार से कमर्शियल उत्पादन (Commercial Viability) की बड़ी उम्मीदों को फिलहाल झटका दिया है। उनका निष्कर्ष है कि यह साइट मौजूदा वैश्विक उत्पादकों के लिए जल्द ही कोई बड़ा विकल्प बनकर नहीं उभर पाएगी।
चीन के मुकाबले काफी छोटा है भंडार
चीन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (University of Science and Technology of China) और हेबेई जियो यूनिवर्सिटी (Hebei GEO University) के प्रोफेसर और प्रमुख वैज्ञानिक यांग जियाओयोंग (Yang Xiaoyong) ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि किजिलकाओरेन भंडार में खनिजीकरण (Mineralisation) “काफी छोटे पैमाने” पर हुआ है। उन्होंने कहा, “यह अभी भी दुर्लभ पृथ्वी के बड़े भंडारों के स्तर तक पहुंचने से काफी दूर है।”
यांग ने स्पष्ट किया कि अब तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि तुर्की या मध्य पूर्व (Middle East) के अन्य देशों में दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर रेयर अर्थ संसाधन मुख्य रूप से चीन, ग्रीनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और दक्षिण पूर्व एशिया में केंद्रित हैं।
तुर्की और चीन के भंडारों की तुलना
एक्टा जियोलॉजिका सिनिका (Acta Geologica Sinica) में प्रकाशित इस पीयर-रिव्यू (Peer-reviewed) अध्ययन में चीन और तुर्की के शोधकर्ताओं ने संयुक्त रूप से काम किया है।
अध्ययन में किजिलकाओरेन की तुलना चीन के सिचुआन प्रांत स्थित ‘माओनिउपिंग’ (Maoniuping) भंडार से की गई है, जो कि दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लाइट रेयर अर्थ उत्पादक है। हालांकि, यांग ने जोर देकर कहा कि तुर्की का यह भंडार इनर मंगोलिया स्थित दुनिया के सबसे बड़े रेयर अर्थ भंडार ‘बयान ओबो’ (Bayan Obo) से काफी अलग और छोटा है।
एक पूर्व अनुमान के मुताबिक, किजिलकाओरेन में लगभग 4.67 मिलियन टन रेयर अर्थ अयस्क है (जिसकी औसत ग्रेड 2.78 प्रतिशत है)। जबकि चीन के ‘बयान ओबो’ भंडार में 6 प्रतिशत औसत ग्रेड के साथ 57.4 मिलियन टन से अधिक भंडार मौजूद है।
पर्यावरण और तकनीकी चुनौतियां
चीन का दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के बाजार पर भारी दबदबा है। अमेरिका की एक रिपोर्ट (मार्च) के अनुसार, चीन का वैश्विक खनन में लगभग 60%, प्रोसेसिंग और सेपरेशन में 90% और मैग्नेट उत्पादन में 94% हिस्सा है।
शोधकर्ताओं ने खनन से जुड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों (Environmental cost) पर भी ध्यान दिलाया। यांग ने बताया कि लगभग सभी रेयर अर्थ भंडारों में रेडियोएक्टिव तत्व उच्च स्तर पर होते हैं। किजिलकाओरेन से लिए गए कुछ सैंपलों में थोरियम (Thorium) की मात्रा 1,000 पार्ट्स पर मिलियन (ppm) से अधिक पाई गई है, जो खनन के दौरान पैदा होने वाले रेडियोधर्मी खतरों (Radioactive hazards) को दर्शाती है।
यह एक स्वतंत्र शोध है
अंत में, प्रोफेसर यांग ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक अकादमिक शोध था। इसका उद्देश्य तुर्की के संसाधनों का दोहन करना या वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करना नहीं था। उन्होंने कहा, “वैज्ञानिक अनुसंधान की कोई सीमा नहीं होती… एक अकेला अकादमिक पेपर किसी सप्लाई चेन को नहीं बदल सकता।”

