अजीत अगरकर का चीफ सेलेक्टर के रूप में कार्यकाल खत्म

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता (Chief Selector) अजीत अगरकर का शानदार कार्यकाल समाप्त हो गया है। 4 जुलाई 2023 को पदभार संभालने वाले अगरकर के मार्गदर्शन में चुनी गई टीम इंडिया ने अभूतपूर्व सफलताएं हासिल कीं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट में उनके अहम योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
BCCI और गौतम गंभीर ने दी भावभीनी विदाई
BCCI ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर अगरकर को धन्यवाद देते हुए लिखा, “यह कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के लिए कुछ सचमुच खास पलों से भरा रहा। तीन आईसीसी ट्रॉफियां, दो एशिया कप खिताब और लगातार दो एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक, साथ ही 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल तक का सफर। पुरुष चयन समिति के चेयरमैन के तौर पर आपकी प्रतिबद्धता, पक्के इरादे और योगदान के लिए धन्यवाद।”
वहीं, मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी उनके साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए लिखा, “प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। वे तीन आईसीसी ट्रॉफियां आपके पक्के इरादे की गवाही हैं। टीम पहले और टीम आगे, हमेशा। मुझे कहना होगा, इतिहास आपके साथ ज्यादा मेहरबान रहेगा। आपके आगे के कामों के लिए मेरी दिल से शुभकामनाएं।”
उपलब्धियों से भरा रहा अगरकर का सफर
अजीत अगरकर का कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौर में से एक माना जाएगा। उनके नेतृत्व वाली चयन समिति द्वारा चुनी गई टीम ने कई बड़े मुकाम हासिल किए:
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T20 विश्व कप: 2024 और 2026 में खिताबी जीत।
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चैंपियंस ट्रॉफी: 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब।
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वनडे विश्व कप: 2023 विश्व कप के फाइनल तक का अजेय सफर।
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एशियाई वर्चस्व: दो एशिया कप खिताब और एशियाई खेलों में लगातार दो स्वर्ण पदक।
मुख्य चयनकर्ता के रूप में अगरकर का आखिरी असाइनमेंट वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का चयन करना था।
प्रज्ञान ओझा बने अंतरिम मुख्य चयनकर्ता
अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के बाद, BCCI ने नए नियमित मुख्य चयनकर्ता की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस बीच, पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को अंतरिम मुख्य चयनकर्ता की भूमिका सौंपी गई है।
मौजूदा चयनकर्ता पैनल में प्रज्ञान ओझा के अलावा शिव सुंदर दास, अजय रात्रा और आरपी सिंह शामिल हैं। बीसीसीआई के प्रोटोकॉल के अनुसार, चयन समिति में जिस सदस्य ने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले होते हैं, उसे ही मुख्य चयनकर्ता के पद पर नियुक्त किया जाता है।

