‘हमसे टकराने वालों का पतन तय’, अमेरिका को ईरान का कड़ा संदेश

ईरान के सशस्त्र बलों ने एक बार फिर अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफज़ल शेकरची (Abolfazl Shekarchi) ने रविवार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी ताकत ईरान की ‘अभेद्य शक्ति’ और ‘ईश्वरीय संकल्प’ से टकराने की कोशिश करेगी, उसे अंततः पतन और विघटन का ही सामना करना पड़ेगा।
यह बयान अमेरिका में हाल ही में संपन्न हुए मध्यावधि चुनावों के नतीजों और डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) व रिपब्लिकन पार्टी को मिली असफलताओं के संदर्भ में आया है।
ट्रंप और सहयोगियों की ‘आक्रामक नीतियों’ पर निशाना
ब्रिगेडियर जनरल शेकरची ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘असमझदार, कट्टरपंथी और आतंकवादी’ करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन अमेरिकी नेताओं ने एक सभ्य और स्वाभिमानी देश (ईरान) को नष्ट करने के इरादे से उसके खिलाफ आक्रामक नीतियां अपनाईं। प्रवक्ता के मुताबिक, “यह रणनीति उन पर ही भारी पड़ी है। आज वे खुद रणनीतिक पतन, गहरे घरेलू संकटों और ईरान के बहादुर सशस्त्र बलों तथा ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ (Axis of Resistance) के हाथों मिली हार के शिकार बन गए हैं।”
मध्यावधि चुनाव के नतीजे अमेरिका की बड़ी हार: शेकरची
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन को लेकर शेकरची ने कहा कि यह हार ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद अमेरिका को मिली सैन्य हार का ही परिणाम है।
उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी को मिली यह शिकस्त महज अमेरिकी घरेलू राजनीति का कोई सामान्य उतार-चढ़ाव नहीं है। इसके बजाय, यह एक बहुत बड़ी और अकाट्य वास्तविकता को दर्शाता है कि एक मजबूत ईरान के दृढ़ संकल्प के सामने अमेरिका को करारी हार का सामना करना पड़ा है।
अमेरिका की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ रणनीति विफल
ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने विस्तार से बताया कि कैसे वाशिंगटन की आक्रामक नीतियां और ‘मैक्सिमम प्रेशर’ (Maximum Pressure) का सिद्धांत पूरी तरह विफल हो गया है।
उन्होंने कहा, “अमेरिका की हत्या और दबाव की रणनीति, साथ ही उनकी अप्रभावी सैन्य नीतियां, इस्लामिक रिपब्लिक के नेतृत्व, ईरानी राष्ट्र और यहां के सशस्त्र बलों की ‘कास्ट-आयरन’ इच्छाशक्ति के सामने पूरी तरह पस्त हो गई हैं।”
शेकरची ने यह भी दावा किया कि शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों की ईरान के प्रति शत्रुतापूर्ण नीतियों और पश्चिम एशिया सहित दुनिया भर में वाशिंगटन की लगातार विफलताओं ने व्हाइट हाउस की ‘खोखली शक्ति’ की नींव को हिलाकर रख दिया है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी सैन्य बेड़े और उसके हथियारों को लेकर जो अजेय होने का झूठा भ्रम फैलाया गया था, वह अब टूट चुका है।”
प्रवक्ता ने अंत में जोर देकर कहा कि अमेरिका की यह रणनीतिक हार इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि दुनिया में शक्ति का संतुलन कभी भी वर्चस्ववादी ताकतों के पक्ष में नहीं रहेगा।

