बिना कोचिंग पहले प्रयास में UPSC क्रैक, रसनीत कौर की सफलता की कहानी

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Prabhash Bahadur Civil Services Mentor
Prabhash Bahadur Civil Services Mentor

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से 6 मार्च 2026 को घोषित किए गए सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Exam) 2025 के फाइनल नतीजों में पंजाब की एक बेटी ने कमाल कर दिया है। पटियाला जिले के राजपुरा की रहने वाली 22 वर्षीय रसनीत कौर (Rasneet Kaur) ने शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 51 हासिल की है।

सबसे खास बात यह है कि रसनीत ने यह मुकाम अपने पहले ही प्रयास में हासिल किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जहां परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है, वहीं पूरे राजपुरा और पंजाब क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है।

साधारण परिवार, असाधारण सफलता

रसनीत कौर एक बेहद साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता जसविंदर सिंह पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) में बतौर लाइनमैन कार्यरत हैं। एक सामान्य परिवेश में पली-बढ़ी रसनीत ने अपनी अटूट मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से यह साबित कर दिया है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने के लिए महानगरों और महंगी कोचिंग संस्थानों का सहारा लेना कतई जरूरी नहीं है।

बिना किसी ऑफलाइन कोचिंग के घर पर की तैयारी

UPSC जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए रसनीत ने घर पर रहकर ही पढ़ाई करने का फैसला किया। उन्होंने करीब एक साल तक खुद को दुनिया से अलग कर अपनी पूरी ऊर्जा सिर्फ पढ़ाई पर केंद्रित रखी और सेल्फ स्टडी (Self Study) को ही अपनी सफलता का मुख्य आधार बनाया।

इस दौरान उन्होंने किसी भी महंगी ऑफलाइन कोचिंग का सहारा लेने के बजाय, ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म, इंटरनेट पर उपलब्ध मुफ्त शैक्षणिक सामग्री और डिजिटल संसाधनों का बेहतरीन इस्तेमाल किया। उन्होंने अपनी पढ़ाई को पूरी तरह व्यवस्थित रखा और परीक्षा के पैटर्न व जरूरतों के अनुसार स्मार्ट तरीके से तैयारी की।

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

UPSC परीक्षा में हर साल लाखों उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाते हैं, लेकिन सफलता चंद लोगों को ही मिल पाती है। ऐसे में महज 22 साल की कम उम्र में और अपने पहले ही प्रयास में 51वीं रैंक हासिल करना रसनीत की असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है।

रसनीत कौर की यह शानदार सफलता उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो आर्थिक संसाधनों की कमी या बड़े शहरों में रहकर महंगी कोचिंग न ले पाने के कारण अपने सपनों को अधूरा मान लेते हैं। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर दिशा सही हो, अनुशासन हो और निरंतर मेहनत की जाए, तो उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

एक लाइनमैन की बेटी के इस मुकाम तक पहुंचने पर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। रसनीत ने न केवल अपने माता-पिता बल्कि पूरे पंजाब का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है।