ट्रंप की पार्टी की हार पर एलन मस्क का तंज, बोले- स्पेस लेजर भी फेल!

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Jyoti Atmaram Ghag
Jyoti Atmaram Ghag

अमेरिका के मध्यावधि (Midterm) चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार के बाद दुनिया के सबसे अमीर शख्स और उद्योगपति एलन मस्क ने अपने ही अंदाज में चुटकी ली है। चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को करोड़ों डॉलर का भारी-भरकम चुनावी चंदा देने के बावजूद पार्टी की हार पर मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर दो व्यंग्यात्मक पोस्ट किए हैं।

मस्क के दो तंज भरे पोस्ट

अपने पहले पोस्ट में एलन मस्क ने अमेरिकी राजनीति पर तंज कसते हुए लिखा, “इस समय अंतरिक्ष में डेटा सेंटर काफी आकर्षक लग रहे हैं।”

इसके तुरंत बाद अपने दूसरे पोस्ट में उन्होंने आलोचकों और चुनाव परिणामों पर कटाक्ष करते हुए लिखा, “लगता है कि चुनाव में दखल देने वाले मेरे ‘स्पेस लेजर’ इस बार काम नहीं आए।”

मस्क का भारी-भरकम चुनावी डोनेशन

एलन मस्क खुले तौर पर डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करते आए हैं और उन्हें बड़े पैमाने पर फंडिंग भी करते हैं। आलोचक अक्सर यह आरोप लगाते रहे हैं कि इसी भारी फंडिंग के दम पर ट्रंप और उनकी पार्टी चुनाव में असर डालती है।

सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलन मस्क ने इस चुनावी चक्र में पानी की तरह पैसा बहाया था। अक्टूबर में आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि मस्क ने राष्ट्रपति ट्रंप की पार्टी के उम्मीदवारों के कैंपेन को बढ़ावा देने वाले संगठनों को जुलाई के बाद से 276 मिलियन डॉलर का चंदा दिया था। कुल मिलाकर इस पूरे चुनावी चक्र में मस्क ने लगभग 366 मिलियन डॉलर खर्च किए थे और वे इस चुनाव के सबसे बड़े डोनर (Donor) बनकर उभरे थे।

मस्क के लिए क्यों झटका हैं ये नतीजे?

मस्क का यह बयान ऐसे समय आया है जब डेमोक्रेट्स की जीत के बाद टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर के भविष्य को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है। ‘स्पेस में डेटा सेंटर’ वाले अपने पोस्ट के जरिए उन्होंने एक तरह से यह इशारा किया है कि वे अपने कुछ बड़े बिजनेस को धरती से बाहर ले जाने पर विचार कर सकते हैं।

मस्क द्वारा रिपब्लिकन उम्मीदवारों पर इतना पैसा लगाने के बावजूद पार्टी का हार जाना उनके लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है। जिन उम्मीदवारों पर उन्होंने दांव लगाया था, वे चुनाव हार गए, जबकि डेमोक्रेट्स ने उन राज्यों में भी सेंध लगा दी जो लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाते थे। कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की स्थिति मजबूत होने से अब वे ट्रंप के विधायी एजेंडे को खुलकर चुनौती दे पाएंगे, जिसका असर भविष्य की तकनीकी और व्यावसायिक नीतियों पर भी पड़ सकता है।