रामलीला मैदान रैली से दूरी पड़ी भारी, तीन राज्यों में युवा कांग्रेस का एक्शन

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सहयोगी संगठन भारतीय युवा कांग्रेस ने अपनी एक बड़ी रैली से नदारद रहने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित ‘वोट चोरी रैली’ में बिना सूचना या वैध कारणों के अनुपस्थित पाए गए 100 से अधिक पदाधिकारियों को संगठन से निलंबित कर दिया गया है। राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में सबसे अधिक संख्या मध्य प्रदेश के पदाधिकारियों की है।

यूथ कांग्रेस ने जारी की निलंबित होने वाले कांग्रेसियों की लिस्ट

तीन राज्यों के 100 से अधिक पदाधिकारी निलंबित

सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत मध्य प्रदेश से 60, हिमाचल प्रदेश से 13 और हरियाणा से 10 समेत कुल 100 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। संगठन का पक्ष है कि यह कदम अनुशासनहीनता पर रोक लगाने और राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

डिजिटल अटेंडेंस और इंटरनेट की धीमी गति का विवाद

इस बार युवा कांग्रेस ने रैली में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया था। आयोजन स्थल और उसके आसपास डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और स्कैनर की व्यवस्था की गई थी, जिसके जरिए पदाधिकारियों को डिजिटल चेक-इन करना अनिवार्य था।

हालांकि, इस तकनीकी व्यवस्था पर सवाल भी खड़े हुए हैं। कई निलंबित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का तर्क है कि कनॉट प्लेस से लेकर रामलीला मैदान तक के इलाके में इंटरनेट की गति बेहद धीमी थी, जिसके कारण वे समय पर डिजिटल रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सके। रैली के बाद बुलाई गई समीक्षा बैठक में जब डेटा की जांच की गई, तो इन तकनीकी दिक्कतों और गैरहाजिरी के मामलों पर यह फैसला लिया गया।

,एमपी यूथ कांग्रेस की सूची

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की सफाई

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि रामलीला मैदान की रैली बेहद सफल रही थी और देश भर से करीब 15 हजार कार्यकर्ता इसमें शरीक हुए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद कुछ पदाधिकारियों द्वारा संगठनात्मक अनुशासन का पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक, पार्टी में जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है, और इसी समीक्षा प्रक्रिया के आधार पर यह कदम उठाया गया है।

बीजेपी का कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला

इस निलंबन की कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी और खासकर राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला है।

बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा कि जिस रैली में भीड़ जुटाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, उसमें कांग्रेस के अपने युवा पदाधिकारी ही शामिल नहीं हुए। पार्टी ने आरोप लगाया कि जिस नेता की बात सुनने के लिए उनकी अपनी पार्टी के युवा कार्यकर्ता तैयार नहीं हैं, उस पर देश का युवा कैसे भरोसा करेगा। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के पदाधिकारियों के निलंबन को बीजेपी ने कांग्रेस की आंतरिक कार्यप्रणाली और नेतृत्व की स्थिति का प्रमाण बताया है।

बीजेपी ने इस कार्रवाई पर कांग्रेस को घेरा