अमेरिका में अब्दुल अल-सैयद जीते तो ओवैसी ने यूपी के लिए क्या कहा?

अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनावों के नतीजों का असर अब भारतीय राजनीति, खासकर उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरणों पर भी दिखाई देने लगा है। मिशिगन से सीनेट का चुनाव जीतने वाले डेमोक्रेट उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद की जीत का हवाला देते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात से जोड़ा है।
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया है, और अब उत्तर प्रदेश के ‘अब्दुल’ को अपनी सियासी पहचान को और मजबूत करना होगा।
ओवैसी का ‘एक्स’ पोस्ट और राजनीतिक संदेश
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ओवैसी ने लिखा, ‘एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मज़बूत करनी होगी। संघियों ने “अब्दुल” को एक तंज में बदलने की बहुत कोशिश की है। वक्त आ गया है कि हम दिखाएं कि अब्दुल अल्लाह के सिवा किसी की गुलामी नहीं करता। अब दरी नहीं बिछाएंगे।’
इस बयान के जरिए ओवैसी ने सीधे तौर पर यूपी के मुस्लिम मतदाताओं को मुखातिब होने के साथ-साथ राज्य की राजनीतिक पार्टियों और पारंपरिक समीकरणों पर भी निशाना साधा है।
अमेरिकी मिडटर्म चुनावों की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि अमेरिका के मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों में सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 50 वर्षों में यह पहली बार हुआ है जब सत्तारूढ़ पार्टी ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों सदनों में बहुमत गंवा दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब्दुल अल सैयद को लेकर बयान भी दिए थे, लेकिन रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में उतरे अब्दुल अल सैयद ने अंततः जीत हासिल कर ली।
यूपी विधानसभा चुनाव और राजनीतिक समीकरण
उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में चुनावी सरगर्मियों के बीच AIMIM लगातार अपनी जमीन तलाशने और विस्तार करने में जुटी है। चुनाव से पहले ओवैसी की पार्टी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन करने की इच्छा जताई थी, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद गठबंधन की बात आगे नहीं बढ़ पाई।
अब अमेरिकी चुनाव के परिणामों और वहां की जीत का संदर्भ देते हुए ओवैसी ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता और मंशा को स्पष्ट कर दिया है।

