मतदाता अधिकारों के लिए सीतापुर में अनशन, IPF ने रखीं दो बड़ी मांगें

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मतदाता अधिकारों, चुनाव सुधार, किसानों और छोटे व्यापारियों के मुद्दों को लेकर इंडियन पीपुल्स फ्रंट (IPF) ने आवाज बुलंद की है। बारिश के कारण मिश्रिख में प्रस्तावित रैली रद्द होने के बाद, शनिवार को सीतापुर के एक निजी होटल में IPF द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान अन्ना हजारे टीम से जुड़ीं लोक आंदोलन न्यास की कार्याध्यक्ष कल्पना इनामदार ने ऐलान किया कि वह मतदाता अधिकार संरक्षण और चुनाव सुधार की मांग को लेकर 16 नवंबर 2026 से सीतापुर में अनशन पर बैठेंगी।
‘कटे हुए नाम जोड़ें, प्रोविजनल वोटिंग का मिले अधिकार’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में IPF के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. शेखर दीक्षित ने दावा किया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। उन्होंने SIR प्रक्रिया में 13 करोड़ लोगों के नाम काटे जाने का जिक्र करते हुए मांग की कि सभी पात्र नागरिकों के नाम दोबारा जोड़े जाएं।
इस मुद्दे पर कल्पना इनामदार ने ‘प्रोविजनल वोटिंग (सशर्त मतदान)’ की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से कट जाता है, तो उसे मतदान के दिन आधिकारिक सत्यापन के बाद उसी चुनाव में वोट डालने का अवसर मिलना चाहिए। अगर सत्यापन में समय लगता है, तो कानून के तहत ऐसे मतदाताओं के मत सुरक्षित रखने की व्यवस्था होनी चाहिए।”
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर भी उठाए सवाल
कल्पना इनामदार ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्तों को पद से हटाने की प्रक्रिया तो कठिन है, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में सीमित लोगों की भूमिका को लेकर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी बताया।
किसानों के लिए गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों और महंगाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पं. शेखर दीक्षित ने कहा कि बाजार में चीनी की कीमत 60 रुपये प्रति किलो हो गई है, इसे देखते हुए गन्ना किसानों को कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण
बैंकिंग क्षेत्र के निजीकरण और छोटे व्यापारियों की समस्याओं पर चिंता जताते हुए IPF ने महिलाओं को सशक्त बनाने की मांग की। पं. शेखर दीक्षित ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) को 5 लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि महिलाएं स्वरोजगार और छोटे उद्योगों को आगे बढ़ा सकें।
इंडियन पीपुल्स फ्रंट ने स्पष्ट किया कि 16 नवंबर से प्रस्तावित यह अनशन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप होगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में IPF के बृज बिहारी, राष्ट्रीय किसान मंच के मोहित मिश्रा, भारतेन्दु मिश्रा और महिला अधिकार शक्ति की सुनीला रावत समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

