जिन निर्दलीयों ने JDU उम्मीदवारों को हराया, अब उन्हीं ने थामा BJP का दामन

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Ajay Gupta
Ajay Gupta

बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया है। चुनाव में जीत हासिल करने वाले दो निर्दलीय उम्मीदवार शनिवार (31 अक्टूबर) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। खास बात यह है कि इन दोनों ही निर्दलीय नेताओं ने चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवारों को शिकस्त दी थी।

बंशीधर ब्रजवासी ने JDU प्रवक्ता को हराया

तिरहुत स्नातक निर्वाचन सीट से निर्दलीय प्रत्याशी बंशीधर ब्रजवासी ने जीत दर्ज की है। उन्होंने इस चुनाव में जेडीयू के मजबूत उम्मीदवार और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिषेक झा को हराया है। ब्रजवासी ने लगातार दूसरी बार निर्दलीय चुनाव जीता है। जीत के बाद शनिवार को वह पटना स्थित बीजेपी दफ्तर पहुंचे और विधिवत रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

राहुल राज की ‘घर वापसी’

दूसरी ओर, सारण शिक्षक निर्वाचन सीट से जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय राहुल राज ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है। उन्होंने चुनाव में जेडीयू के पुष्कर आनंद को हराया है। दिलचस्प बात यह है कि राहुल राज पहले बीजेपी के ही नेता थे। टिकट न मिलने पर उन्होंने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय नामांकन दाखिल किया था, जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। जीत के बाद आज सारण से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी के साथ राहुल ने सीएम आवास में सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात की और फिर बीजेपी दफ्तर पहुंचकर पार्टी में वापसी कर ली।

बीजेपी विधानमंडल दल की बैठक में हुए शामिल

बीजेपी में शामिल होने के तुरंत बाद दोनों नवनिर्वाचित एमएलसी पटना स्थित बीजेपी दफ्तर में आयोजित ‘बीजेपी विधानमंडल दल’ की बैठक में भी शामिल हुए। यह बैठक बिहार बीजेपी के नए प्रभारी हरीश द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी, जो प्रभार मिलने के बाद पहली बार पटना पहुंचे हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा हाल ही में संपन्न एमएलसी चुनावों के परिणामों की समीक्षा करना, बूथ स्तर के प्रबंधन को मजबूत करना और संगठन की आगामी रणनीतियों पर चर्चा करना था।

JDU के साथ ‘खेला’ होने की चर्चाएं तेज

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बाद सियासी गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या बिहार एनडीए (NDA) के भीतर जेडीयू के साथ कोई ‘खेला’ हो गया है? जेडीयू के आधिकारिक प्रत्याशियों को हराने वाले दोनों निर्दलीय विधान पार्षदों का तुरंत बीजेपी में शामिल हो जाना और बीजेपी द्वारा उन्हें हाथों-हाथ लेना, राज्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर कई इशारे कर रहा है।