2027 से पहले सपा-कांग्रेस में सीटों पर खींचतान, कांग्रेस की 200 सीटों पर नजर

rahul
साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी बीच, सीट बंटवारे (Seat Sharing) को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपने सहयोगी दल समाजवादी पार्टी (SP) की टेंशन बढ़ा दी है। कांग्रेस ने गठबंधन के तहत सपा को अपने संभावित प्रत्याशियों की जो सूची सौंपी है, उसमें प्रदेश की 403 में से करीब 200 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की है। इसका मतलब है कि कांग्रेस राज्य की हर दूसरी सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है।

सांसदों वाले इलाकों पर कांग्रेस का विशेष फोकस

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से यह 200 सीटों वाली सूची बेहद गोपनीय तरीके से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के स्तर से यह लिस्ट सपा नेतृत्व तक पहुंचाई गई है। पार्टी ने अपनी सूची में उन सीटों को प्रमुखता से शामिल किया है, जहां उनके मौजूदा सांसद हैं। कांग्रेस ने इन सीटों पर अपनी मजबूत राजनीतिक स्थिति और संगठन की सक्रियता का तर्क देते हुए दावेदारी की है।

दिल्ली में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुआ था मंथन

गठबंधन की सीटों को लेकर हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। इस बैठक में प्रदेश के स्थानीय नेताओं से अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत फीडबैक लिया गया। इसी फीडबैक के आधार पर करीब 200 सीटों की यह भारी-भरकम सूची तैयार कर सपा को भेजी गई है।

सपा का रुख: कांग्रेस को 40 से 50 सीटें देने पर अड़ी

सीटों की इस बड़ी दावेदारी को लेकर दोनों दलों के बीच सहमति बनना फिलहाल आसान नहीं दिख रहा है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस जहां गठबंधन में 125 से 130 सीटों पर चुनाव लड़ने की उम्मीद कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी उसे केवल 40 से 50 सीटें ही देने के पक्ष में है। सपा नेतृत्व का स्पष्ट तर्क है कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, ऐसे में उसे इतनी बड़ी संख्या में सीटें देना गठबंधन के लिए घाटे का सौदा हो सकता है।

340-350 सीटों पर साइकिल सिंबल से लड़ने की तैयारी में सपा

समाजवादी पार्टी की रणनीति इस बार भी बिल्कुल साफ है। सपा प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 340 से 350 सीटों पर अपनी ‘साइकिल’ के चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। (याद रहे, पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने 347 सीटों पर अपने सिंबल से चुनाव लड़ा था)। सपा का मानना है कि ज्यादा सीटों पर अपने चुनाव चिह्न से लड़ने पर पार्टी का जीत का स्ट्राइक रेट बेहतर रहता है।

सपा ने कांग्रेस से मांगे प्रत्याशियों के नाम

सूत्रों के अनुसार, दबाव की इस राजनीति के बीच सपा ने कांग्रेस से उनकी मांगी गई 200 सीटों पर संभावित प्रत्याशियों के नाम भी मांग लिए हैं। सपा यह आंकलन करना चाहती है कि क्या कांग्रेस के पास वास्तव में उन सीटों पर मजबूत उम्मीदवार हैं या फिर वहां सपा के पास बेहतर विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, गठबंधन धर्म निभाते हुए सपा ने यह तय किया है कि कांग्रेस द्वारा दावा की गई सीटों पर अंतिम बातचीत पूरी होने से पहले वह अपने आधिकारिक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं करेगी।