गोंडा की 7 सीटों पर BJP की हैट्रिक या SP की वापसी? सदर पर खास नजर

अवध और पूर्वांचल की सीमा पर बसा गोंडा जिला (Gonda) पिछले दो विधानसभा चुनावों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अजेय दुर्ग बना हुआ है। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जिले की सभी सातों सीटों पर जीत का परचम लहराया था और 2022 में भी अपना यह ‘क्लीन स्वीप’ बरकरार रखा। लेकिन, गोंडा सदर जैसी अहम सीट पर जीत का अंतर 7 हजार वोटों से भी कम रहने के कारण, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या 2027 में समाजवादी पार्टी (SP) बीजेपी के इस विजय रथ पर ब्रेक लगा पाएगी?
गोंडा जिले की आबादी और सामाजिक संरचना
2011 की जनगणना के मुताबिक, गोंडा जिले की कुल आबादी करीब 34 लाख 34 हजार है। साक्षरता दर मात्र 59 प्रतिशत है (पुरुष 69%, महिला 47%), जो महिला साक्षरता के मामले में जिले को प्रदेश के औसत से काफी पीछे रखता है।
यह एक पूरी तरह से ग्रामीण और कृषि प्रधान जिला है। यहां की 93 प्रतिशत आबादी गांवों में बसती है और केवल 6.5 प्रतिशत हिस्सा ही शहरी है। चुनाव मुख्य रूप से खेती, बाढ़, गन्ना किसानों और रोजगार जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहता है। धार्मिक आधार पर देखें तो यहां हिंदू आबादी करीब 80 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी करीब 20 प्रतिशत है।
गोंडा में हैं कुल 7 विधानसभा सीटें
जिले में कुल सात विधानसभा सीटें हैं: मेहनौन, गोंडा (सदर), कटरा बाजार, गौरा, कर्नलगंज, मनकापुर और तरबगंज। इनमें से मनकापुर सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, जबकि बाकी छह सीटें सामान्य श्रेणी की हैं।
2022 में सातों सीटों पर खिला था कमल: नतीजे एक नजर में
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तरबगंज: बीजेपी के प्रेम नारायण पांडेय (1,25,325 वोट) ने सपा के राम भजन चौबे को 53,690 वोटों के भारी अंतर से हराया।
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मनकापुर (SC): योगी सरकार के पूर्व मंत्री रमापति शास्त्री (1,04,824 वोट) ने सपा के रमेश गौतम को 42,396 वोटों से शिकस्त दी।
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कर्नलगंज: बीजेपी के अजय कुमार सिंह ने सपा के योगेश प्रताप सिंह को करीब 35 हजार वोटों से हराया।
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मेहनौन: बीजेपी के विनय कुमार द्विवेदी (1,07,327 वोट) ने सपा की नंदिता शुक्ला को करीब 23 हजार वोटों से हराया।
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गौरा: बीजेपी के प्रभात कुमार वर्मा ने सपा के संजय कुमार को करीब 23 हजार वोटों से हराया।
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कटरा बाजार: बीजेपी के बावन सिंह ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करते हुए सपा के बैजनाथ दुबे को करीब साढ़े 18 हजार वोटों से शिकस्त दी।
हॉट सीट ‘गोंडा सदर’: जीत का अंतर हुआ कम
गोंडा (सदर) जिले की सबसे चर्चित सीट है, क्योंकि यहां से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण सिंह विधायक हैं। 2022 के चुनाव में प्रतीक भूषण को 96,528 वोट मिले थे, जबकि सपा के सूरज सिंह ने 89,829 वोट हासिल कर उन्हें कड़ी टक्कर दी थी। यहां जीत का अंतर महज 6,699 वोट रहा था।
2017 में प्रतीक भूषण ने यह सीट करीब 11,600 वोटों से जीती थी। सदर के अलावा कटरा बाजार में भी बीजेपी की जीत का अंतर 30 हजार से घटकर साढ़े 18 हजार के आसपास आ गया था। लगातार घटता यह अंतर समाजवादी पार्टी के लिए 2027 में उम्मीद की किरण बना हुआ है।
2027 की तैयारी: लोकसभा चुनाव में BJP ने दिखाया दम
हाल ही में संपन्न हुए 2024 के लोकसभा चुनाव में गोंडा से बीजेपी के कीर्तिवर्धन सिंह ने जीत की हैट्रिक लगाई है। उन्होंने सपा उम्मीदवार (बेनी प्रसाद वर्मा की पोती) श्रेया वर्मा को बड़े अंतर से हराया। वहीं, कैसरगंज लोकसभा सीट से भी बृजभूषण शरण सिंह के बेटे करण भूषण सिंह ने जीत दर्ज कर जिले में बीजेपी का दबदबा कायम रखा है।
बीजेपी ने बूथ अध्यक्ष सम्मेलनों के जरिए अभी से ‘मिशन-2027’ का आगाज कर दिया है। वहीं, समाजवादी पार्टी इस मंथन में जुटी है कि पिछली बार कम अंतर से हारने वाले प्रत्याशियों को दोबारा मौका दिया जाए या नए चेहरों पर दांव लगाया जाए।
गोंडा की 7 सीटों का जातीय समीकरण
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गोंडा (सदर): करीब 3.41 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर ब्राह्मण (72 हजार) सबसे बड़े मतदाता हैं। इसके अलावा मुस्लिम (55 हजार), SC (55 हजार), क्षत्रिय (35 हजार), और यादव (32 हजार) भी अहम हैं।
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कटरा बाजार: करीब 4 लाख मतदाताओं में ब्राह्मण सबसे बड़ा समूह है। इसके बाद मुस्लिम, क्षत्रिय, SC और ओबीसी मतदाता आते हैं।
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गौरा: यहां ब्राह्मण, क्षत्रिय, कुर्मी (वर्मा) और यादव मतदाताओं का कॉम्बिनेशन हार-जीत तय करता है।
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मनकापुर (SC): पासी और जाटव (दलित) मतदाता निर्णायक हैं, मुस्लिम और अन्य पिछड़े वर्ग भी असरदार हैं।
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मेहनौन, कर्नलगंज और तरबगंज: इन सीटों पर सवर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय) के साथ-साथ यादव, मुस्लिम, कुर्मी, मौर्य, निषाद और चौहान बिरादरी का मिश्रण प्रभावी रहता है।

