पंजाब में फिर साथ आएंगे BJP और अकाली दल? सुखबीर बादल ने दिए संकेत

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महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। राज्य में एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी ‘समान विचारधारा’ (Like-minded) वाले दलों के साथ गठबंधन के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बीते दिन पंजाब में NDA की सरकार बनने के दावे के बाद, बादल का यह बयान सियासी नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है।

‘AAP और कांग्रेस के अलावा किसी से भी गठबंधन को तैयार’

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन दोनों पार्टियों को “पंजाब का दुश्मन” करार दिया। सुखबीर बादल ने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को छोड़कर, जो भी अन्य दल अकाली दल की विचारधारा से सहमत हैं, उनके साथ गठबंधन के लिए शिअद के दरवाजे खुले हैं।

राज्यपाल से मुलाकात, CM भगवंत मान को हटाने की मांग

बुधवार (23 अक्टूबर) को सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में अकाली दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद से हटाने की मांग की। मुलाकात के बाद बादल ने कहा कि अकाली दल एक मजबूत क्षेत्रीय पार्टी है; वे सरकार में रहें या न रहें, पंजाब और पंजाबियों की बेहतरी के लिए उनका संघर्ष हमेशा जारी रहेगा।

नशे के मुद्दे पर AAP का बीजेपी पर पलटवार

पंजाब में नशे का मुद्दा भी एक बार फिर चुनावी रंग ले चुका है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर कड़ा पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनावी फायदे के लिए जांच एजेंसियों और मादक पदार्थों के मुद्दे का दुरुपयोग कर रही है। संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी 2027 के चुनाव से पहले अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नशे के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है और जानबूझकर भगवंत मान सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।