BJP में रहेंगी संघमित्रा या चुनेंगी नई राह? पिता की पहल के बाद दिया जवाब

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और बदायूं की पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य के राजनीतिक भविष्य को लेकर पिछले कई दिनों से अटकलों का बाजार गर्म है। चर्चा थी कि वह जल्द ही समाजवादी पार्टी (SP) या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) का दामन थाम सकती हैं। इन अटकलों को तब और बल मिला, जब उनके पिता और ‘अपनी जनता पार्टी’ के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात की थी।
‘कहीं नहीं जा रही हूं…’ संघमित्रा ने किया साफ
सपा या कांग्रेस में शामिल होने की लगातार चल रही चर्चाओं पर अब संघमित्रा मौर्य ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। ‘एबीपी लाइव’ से बातचीत में संघमित्रा ने स्पष्ट किया कि वह कहीं नहीं जा रही हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “कभी कोई मुझे सपा ज्वाइन करवा रहा है तो कोई कांग्रेस में। यह आप लोगों का प्यार है, जो हमें लगातार चर्चा में बनाए हुए है। ऐसा कुछ भी नहीं है।”
2027 के विधानसभा चुनाव पर क्या बोलीं?
वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर संघमित्रा ने कहा कि उन्होंने अभी इस बारे में कुछ भी सोचा नहीं है। बीजेपी नेता ने कहा कि वह फिलहाल जहां हैं, वहां खुश हैं और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता के साथ निभा रही हैं।
पिता की ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात से उड़ी थीं अफवाहें
संघमित्रा के राजनीतिक पाला बदलने की चर्चाएं तब शुरू हुईं, जब उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाल ही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। इस मुलाकात को यूपी विधानसभा चुनाव (2027) से पहले ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ उनके अलायंस के बड़े संकेत के तौर पर देखा गया। इसके अलावा, स्वामी प्रसाद ने 23 अक्टूबर को यूपी में 11 एमएलसी (MLC) सीटों पर हो रहे मतदान के लिए भी खुले तौर पर सपा और कांग्रेस (इंडिया ब्लॉक) के प्रत्याशियों को वोट देने की अपील की थी।
2019 में बदायूं से सांसद बनी थीं संघमित्रा
संघमित्रा मौर्य 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर बदायूं से जीत दर्ज कर सांसद बनी थीं। उस समय उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य भी बीजेपी में ही थे। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले स्वामी प्रसाद ने योगी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। बाद में वे सपा से भी अलग हो गए और अपनी नई पार्टी ‘अपनी जनता पार्टी’ का गठन किया। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने संघमित्रा मौर्य का टिकट काट दिया था।

