शिवा की मौत की रात क्या हुआ था? श्रद्धा और दानिश से पूछे गए 120 सवाल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा मौत मामले में पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार की गई आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश से हजरतगंज कोतवाली में पुलिस ने करीब 6 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। इस दौरान डीसीपी सेंट्रल की क्राइम टीम ने तीनों से अलग-अलग लगभग 120 सवाल पूछे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के जवाब बेहद गोलमोल रहे और कई अहम बिंदुओं पर उनके बयानों में भारी विरोधाभास देखने को मिला। मेडिकल जांच के बाद तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तारी से पहले डिलीट किया डेटा
जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने पास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (जैसे मोबाइल) का पूरा डेटा डिलीट कर दिया था। पुलिस ने उनके गैजेट्स जब्त कर लिए हैं और अब तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। पूछताछ में पुलिस ने यह जानने का प्रयास किया कि घटना के बाद उनकी नेपाल भागने की क्या योजना थी, वे आगरा से नागपुर कैसे पहुंचे और इस दौरान उन्हें फरारी काटने में किसने मदद की। इसके अलावा वायरल तस्वीरों और धमकी भरे ऑडियो को लेकर भी सवाल दागे गए, हालांकि तीनों खुद को लगातार निर्दोष बताते रहे।
9 अक्टूबर को हुई थी मौत, 50 हजार का था इनाम
कपूरथला निवासी 25 वर्षीय कैफे संचालक शिवा शर्मा हजरतगंज के प्राग नारायण रोड स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर श्रद्धा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहता था। 9 अक्टूबर की शाम वहीं से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने के कारण शिवा की मौत हो गई थी।
शिवा की मां रंजना की तहरीर पर पुलिस ने श्रद्धा, रश्मि, दानिश, आदिल और तनवीर अली के खिलाफ हत्या की नामजद एफआईआर दर्ज की थी। वारदात के बाद से मुख्य आरोपी फरार चल रहे थे, जिन पर पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आखिरकार 20 अक्टूबर को पुलिस और एसटीएफ (STF) ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से तीनों को नागपुर के चिंचभवन इलाके स्थित प्रो-जोन कैल्म अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर लिया।

