Election: कांग्रेस ने सपा को सौंपी 172 सीटों की सूची, 125 सीटों पर नजर

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने इस बात की पुष्टि की है कि कांग्रेस की तरफ से समाजवादी पार्टी को एक लंबी सूची भेजी गई है। इससे पहले गुरुवार को रामपुर पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी स्वीकार किया था कि उनके पास कांग्रेस की ओर से एक ‘लंबी सूची’ आई है।

175 सीटों की लिस्ट, 125 पर लड़ने की तैयारी

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस ने अपनी तरफ से समाजवादी पार्टी को 175 संभावित सीटों की जानकारी भेजी है। हालांकि, कांग्रेस यूपी में कम से कम 125 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।

हाल ही में (19 अक्टूबर) प्रियंका गांधी ने यूपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ सीट बंटवारे को लेकर एक अहम बैठक की थी। इस बैठक में करीब 175 सीटों पर मंथन हुआ था। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया था कि राहुल गांधी गठबंधन में कांग्रेस के लिए कम से कम 125 सीटें चाहते हैं।

सीटों का 4 कैटेगरी फॉर्मूला

बताया जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा सपा को भेजी गई सूची में सीटों को चार अलग-अलग कैटेगरी (श्रेणियों) में बांटा गया है:

  • पहली कैटेगरी: वे सीटें जिन पर कांग्रेस कोई समझौता नहीं चाहती और चुनाव लड़ना ही चाहती है।

  • दूसरी कैटेगरी: वे सीटें जहां उम्मीदवारों या समीकरणों में फेरबदल के लिए बातचीत की गुंजाइश है।

  • तीसरी और चौथी कैटेगरी: जिन पर अंतिम और निर्णायक फैसला दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व (सीनियर नेता) करेगा।

कांग्रेस की रणनीति है कि वह अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़े। इसके साथ ही, पार्टी हर जिले की कम से कम एक सीट पर अपना प्रत्याशी उतारना चाहती है।

सीट बंटवारे के लिए बन सकती है कमेटी

चर्चा है कि जल्द ही दोनों दल सीट बंटवारे पर विस्तार से चर्चा करने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर सकते हैं। यह कमेटी एक-एक सीट के समीकरण और तैयारी का आकलन करेगी। हालांकि, कांग्रेस ने यह भी विकल्प खुला रखा है कि अगर सपा के साथ सीट बंटवारे पर बात नहीं बनती है, तो अन्य दलों के साथ भी बातचीत की जा सकती है।

अखिलेश ने आजम खान से किया ‘राय मशवरा’

इस सियासी गहमागहमी के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रामपुर जेल जाकर पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से करीब 45 मिनट तक मुलाकात की। अखिलेश ने खुद बताया कि वह एक सूची लेकर आजम खान के पास गए थे और कई सीटों को लेकर उनसे चर्चा की गई। आजम खान को चुनावी रणनीतियों और संगठन का गहरा अनुभव है, ऐसे में माना जा रहा है कि इस मुलाकात में कांग्रेस के साथ गठबंधन की रूपरेखा और रणनीति पर भी गंभीर मंथन हुआ है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के स्तर पर सीट बंटवारे का क्या अंतिम फॉर्मूला तय होता है।