मुस्कान-साहिल को फांसी की सजा, अब 10 महीने की राधा का क्या होगा?

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

पति सौरभ राजपूत की बेहरमी से हत्या करने के बहुचर्चित ‘नीले ड्रम मर्डर’ केस में कोर्ट ने दोषी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले के बाद अब एक मासूम के भविष्य को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यह मासूम मुस्कान की 10 महीने की बेटी राधा है, जिसका जन्म जेल में ही हुआ था और वह इस समय अपनी मां के साथ वहीं रह रही है।

जेल के नियम और राधा का भविष्य

मार्च 2025 में जब पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था, तब मुस्कान करीब डेढ़ महीने की गर्भवती थी। उसने 24 नवंबर 2025 को मेरठ के मेडिकल कॉलेज में बेटी को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद नवजात को वापस जिला जेल लाया गया। जेल मैनुअल के अनुसार, महिला कैदियों के बच्चे 6 वर्ष की उम्र तक अपनी मां के साथ जेल में रह सकते हैं। इस दौरान जेल प्रशासन बच्चों के टीकाकरण, स्वास्थ्य और आहार की सुविधा मुहैया करवाता है।

अदालत के फैसले के बाद दोषियों के पास अभी हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में अपील और राज्यपाल या राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल करने का विकल्प मौजूद है। कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने और डेथ वारंट मुकर्रर होने तक राधा जेल में अपनी मां के पास ही रहेगी।

पितृत्व पर विवाद और परिवारों का इनकार

राधा के जन्म के साथ ही उसके पितृत्व (Paternity) को लेकर विवाद शुरू हो गया था। सौरभ के परिवार ने बच्ची के जन्म के समय ही DNA टेस्ट की मांग उठाई थी। सौरभ की मां रेणु देवी ने स्पष्ट किया है कि वे 7 साल की बड़ी पोती पीहू को अपनाने के लिए तैयार हैं, लेकिन जेल में जन्मी 10 महीने की छोटी बच्ची से उनका कोई वास्ता नहीं है।

सौरभ के बड़े भाई के मुताबिक, अगर डीएनए रिपोर्ट में यह साबित होता है कि राधा सौरभ की ही संतान है, तो परिवार उसे गोद लेने और उसका पूरा भरण-पोषण करने को तैयार है। यदि वह प्रेमी साहिल की बेटी निकलती है, तो मुस्कान के ससुराल और मायके वाले दोनों ही उसे अपनाने से इनकार कर चुके हैं। ऐसी स्थिति में 6 साल की उम्र पूरी होने के बाद बच्ची को किसी बाल संरक्षण गृह या अनाथालय के हवाले किया जा सकता है।

मायके वालों ने भी मुस्कान से तोड़ा नाता

मुस्कान और सौरभ की 7 साल की बड़ी बेटी पीहू इस समय अपने नाना-नानी के पास रह रही है। मुस्कान के माता-पिता ने कोर्ट में बयान दिया है कि उन्हें अपनी बेटी को फांसी दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। घटना के बाद से उन्होंने कभी अपनी बेटी से मिलने की कोशिश नहीं की और अपने दामाद सौरभ को एक भला इंसान बताया।

7 साल की पीहू के एक वाक्य से खुला था राज

 सौरभ राजपूत और मुस्कान ने साल 2016 में प्रेम विवाह किया था। बाद में मुस्कान के संबंध सौरभ के ही दोस्त साहिल शुक्ला से हो गए। सौरभ मर्चेंट नेवी में था और 24 फरवरी 2025 को अपनी बेटी के छठे जन्मदिन पर घर लौटा था।

पुलिस जांच के अनुसार, 3 मार्च 2025 को इंदिरा नगर स्थित आवास पर मुस्कान ने सौरभ के खाने में नशीला पदार्थ मिलाया। इसके बाद साहिल के साथ मिलकर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने शव के टुकड़े किए और उन्हें एक नीले रंग के बड़े प्लास्टिक ड्रम में डालकर ऊपर से रेत, पानी व सीमेंट का घोल भरकर सील कर दिया। वारदात के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश फरार हो गए और सौरभ के फोन से मेसेज भेजते रहे।

सौरभ के कई दिनों तक गायब रहने पर 17 मार्च 2025 को जब रिश्तेदार और पुलिस घर पहुंचे, तो 7 साल की पीहू ने बताया कि ‘पापा तो ड्रम के अंदर हैं’। पुलिस ने ड्रम काटकर कंक्रीट हटाया तो अंदर से सौरभ के अवशेष बरामद हुए। इसके ठीक दो दिन बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया था।