योगी ने भदोही में किया नाम बदलने का ऐलान, 14 में वापस हुआ था पुराना नाम
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उत्तर प्रदेश में जिलों के नाम बदलने के क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और बड़ा ऐलान किया है। दुनियाभर में ‘कालीन नगरी’ के नाम से मशहूर भदोही जिले को अब एक नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि भदोही को अब ‘संत रविदास नगर’ के नाम से जाना जाएगा।
महान संत के सम्मान में लिया गया फैसला
सीएम योगी ने यह घोषणा भदोही में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास के लिए आयोजित एक जनसभा के दौरान की। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले का नाम बदलने का यह फैसला महान समाज सुधारक संत रविदास के विचारों, उनकी शिक्षाओं और समाज के प्रति उनके योगदान को हमेशा याद रखने के उद्देश्य से लिया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की इस घोषणा का मौजूद भीड़ ने तालियों के साथ स्वागत किया।
सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होगी नई पहचान
इस ऐलान के साथ ही जिले की प्रशासनिक और कागजी पहचान भी बदल जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सरकारी कामकाज और प्रशासन से जुड़े सभी दस्तावेजों में अब भदोही की जगह ‘संत रविदास नगर’ का इस्तेमाल किया जाएगा। आने वाले समय में जिले के सभी सरकारी रिकॉर्ड इसी नए नाम के साथ अपडेट कर दिए जाएंगे।
मायावती से लेकर योगी तक… भदोही के नामकरण का पुराना सियासी इतिहास
भदोही जिले के नाम को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह पहला बदलाव नहीं है। इसका नामकरण पहले भी राजनीतिक फैसलों के इर्द-गिर्द घूमता रहा है:
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मायावती का कार्यकाल: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने मुख्यमंत्री रहते हुए सबसे पहले भदोही का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर’ किया था। उनके शासनकाल में कई सालों तक जिला इसी नाम से पहचाना गया।
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अखिलेश यादव का कार्यकाल: साल 2014 में जब समाजवादी पार्टी (SP) की सरकार आई, तो तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसपा सरकार के फैसले को पलटते हुए ‘संत रविदास नगर’ का नाम फिर से बदलकर ‘भदोही’ कर दिया।
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अब योगी आदित्यनाथ का फैसला: अब राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर जिले का नाम ‘भदोही’ से बदलकर ‘संत रविदास नगर’ करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

