सपा स्थापना दिवस पर BJP का वार, ऋचा बोलीं- मुकुट में जड़े हैं दंगों के हीरे

समाजवादी पार्टी (SP) के 34वें स्थापना दिवस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जोरदार राजनीतिक हमला बोला है। उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य और भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ऋचा राजपूत लोध ने सपा के पूरे राजनीतिक इतिहास को कटघरे में खड़ा करते हुए आज के दिन को पूरे प्रदेश के लिए ‘काला दिवस’ करार दिया है।
दंगों और अपराधों को बताया सपा के ‘हीरे’
बीजेपी नेता ने सपा के 34 साल के कार्यकाल और इतिहास पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर इस पार्टी के इतिहास की परतें खोली जाएं, तो छेड़खानी और बलात्कार जैसे जघन्य मामले स्पष्ट रूप से सामने आते हैं। ऋचा राजपूत ने आरोप लगाया कि सपा राज में आम जनता की बात तो दूर, एके-47 (AK-47) से विधायकों तक की हत्याएं कराई गईं।
मथुरा के जवाहर बाग कांड, बदायूं कांड और मुजफ्फरनगर के दंगों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए उन्होंने तंज कसा कि ये तमाम भयानक घटनाएं समाजवादी पार्टी के मुकुट में चमकते हुए हीरे हैं।
‘हॉस्टल से लड़कियां उठा ले जाते थे अंसारी जैसे लोग’
कानून-व्यवस्था की पुरानी स्थिति पर सवाल उठाते हुए डॉ. राजपूत ने गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक दौर ऐसा था जब दिनदहाड़े लड़कियों के हॉस्टल से अंसारी जैसे लोग लड़कियों को उठा ले जाते थे।
पार्टी संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के एक पुराने बयान को लेकर भी बीजेपी प्रवक्ता ने सपा को घेरा। उन्होंने याद दिलाया कि लड़कियों की इज्जत पर हाथ डालने वाले लड़कों का बचाव करते हुए ‘लड़कों से गलती हो जाती है’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। ऋचा राजपूत ने कहा कि दुष्कर्मियों को ऐसे शब्दों से सुशोभित करने वाले समाज में नेता कहलाने लायक नहीं हैं।
मऊ दंगे, लव जिहाद और आतंकवादियों के मुकदमे
राजनीतिक बयानों के बीच लव जिहाद और धर्मांतरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। बीजेपी नेता ने कहा कि इन संवेदनशील मुद्दों पर मौन रहने वाले और आतंकवादियों के मुकदमे वापस लेने वाले लोग नेता बनने के लायक नहीं हैं। मऊ दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि सपा राज में वहां हिंदुओं की दुकानें चुन-चुनकर जलाई गई थीं।
नीरज मिश्रा हत्याकांड और कारसेवकों का उठाया मुद्दा
कन्नौज के नीरज मिश्रा हत्याकांड की याद दिलाते हुए ऋचा राजपूत ने कहा कि ऐसी निर्मम हत्या करने वाले आज ब्राह्मणों को मुंह दिखाने लायक नहीं हैं।
अपने बयान के अंत में उन्होंने अयोध्या आंदोलन का भी जिक्र किया। सपा पर राम मंदिर की अवहेलना का सीधा आरोप लगाते हुए ऋचा राजपूत ने कहा कि जिन लोगों ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं और राम मंदिर का विरोध किया, वे कभी हिंदू नहीं हो सकते।

