मदीना के तैबा बिजली स्टेशन पर हमले में सऊदी और हूतियों का क्या दावा है

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना में एक ड्रोन हमले की घटना सामने आई है। मंगलवार सुबह मदीना के ‘तैबा बिजली सप्लाई स्टेशन’ को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। सऊदी गठबंधन ने इस हमले के पीछे यमन के हूती विद्रोहियों का हाथ होने का दावा किया है।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि इस पूरी वारदात की साजिश रचने और इसे अंजाम देने में हूती विद्रोहियों की सीधी भूमिका है। हालांकि, हूती गुट ने सऊदी अरब के इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
बिजली स्टेशन का ट्रांसफॉर्मर बंद, सप्लाई पर असर नहीं
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 5:11 बजे हुए इस हमले के कारण तैबा बिजली स्टेशन का एक ट्रांसफॉर्मर बंद हो गया था। गनीमत यह रही कि इससे स्थानीय बिजली नेटवर्क पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और व्यापक स्तर पर शहर की बिजली आपूर्ति सुचारू रही।
सऊदी गठबंधन का आरोप है कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के साथ-साथ यह दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को भड़काने की एक सोची-समझी कोशिश का हिस्सा है। गठबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मक्का और मदीना की पवित्र मस्जिदों और वहां आने वाले जायरीनों (तीर्थयात्रियों) की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हूतियों ने नकारे आरोप, सऊदी दावों को बताया झूठा
सऊदी अरब के इन गंभीर आरोपों पर हूती संगठन ने अपनी सफाई पेश की है। हूतियों ने मदीना को निशाना बनाने की बात से पूरी तरह इनकार किया है। हूती सैन्य सूत्रों का कहना है कि सऊदी अरब की तरफ से झूठे दावे किए जा रहे हैं।
विद्रोही गुट के मुताबिक, यह आरोप मक्का पर हमले के पुराने और झूठे दावों को सही ठहराने की एक कोशिश मात्र है। इससे पहले भी सऊदी प्रशासन ने दावा किया था कि हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की है, जिसे संगठन ने उसी समय निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था।
यमन में तेज हुई लड़ाई, मुस्लिम देशों ने की हमले की निंदा
मदीना में हुई इस ताजा घटना के बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच टकराव काफी बढ़ गया है। इसका सीधा असर यमन के जमीनी हालात पर देखने को मिल रहा है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। दूसरी तरफ, यमन के कई इलाकों में सरकार समर्थित सेना और हूती लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई जारी है।
इस बीच, पवित्र शहर से जुड़ी इस घटना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है। तुर्किये (तुर्की), कतर और अरब लीग सहित कई मुस्लिम देशों व अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हमले की निंदा की है। इन देशों ने मदीना से जुड़ी इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए तनाव कम करने की अपील की है।

