हरदोई: धार्मिक कार्यक्रम में डिंपल यादव का गाना बजाने पर बवाल, 45 पर FIR

dimpal yadav
शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक धार्मिक आयोजन के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव के समर्थन में गाना बजाने को लेकर भारी बवाल हो गया। डीजे पर बज रहे राजनीतिक गाने का विरोध करने पर दो पक्षों में मारपीट शुरू हो गई और जमकर जातिसूचक अपशब्द कहे गए। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए 5 नामजद और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

श्रीकृष्ण के कार्यक्रम में गूंजा ‘मैनपुरी ने साथ निभाया…’

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह घटना अतरौली थाना क्षेत्र के रिया मऊ इलाके की है। यहां 10 सितंबर की रात जगदीश यादव के घर पर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित ‘दधि उत्सव’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था। इसी कार्यक्रम के दौरान डीजे पर ‘मैनपुरी ने साथ निभाया, डिंपल यादव जीत गईं’ गाना बजने लगा।

धार्मिक गाने की मांग पर भड़के आरोपी, महिलाओं से भी मारपीट

कार्यक्रम में मौजूद देशराज और उसके कुछ साथियों ने इस राजनीतिक गीत पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह एक धार्मिक आयोजन है, इसलिए डीजे पर सिर्फ भगवान कृष्ण के भजन ही बजाए जाने चाहिए। पुलिस के अनुसार, इस एतराज से गुस्साए राजू यादव, दुर्गेश यादव, विवेक यादव, सचिन यादव और रितेश यादव ने देशराज को जातिसूचक गालियां दीं और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने बीच-बचाव करने आई कुछ महिलाओं को भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी हाथापाई की गई।

कोतवाली में 45 लोगों पर मुकदमा दर्ज

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की है। अतरौली के कोतवाल शिवाकांत पांडेय ने बताया कि रविवार रात को मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसमें राजू यादव, दुर्गेश यादव, विवेक यादव, सचिन यादव और रितेश यादव को नामजद किया गया है, जबकि 40 अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

मैनपुरी से डिंपल यादव ने दर्ज की थी प्रचंड जीत

जिस गाने को लेकर यह पूरा विवाद हुआ, वह डिंपल यादव की मैनपुरी लोकसभा चुनाव में हुई प्रचंड जीत पर आधारित है। 2024 के लोकसभा चुनाव में डिंपल यादव ने भारतीय जनता पार्टी के जयवीर सिंह को 2,21,639 वोटों के भारी अंतर से हराया था। इस चुनाव में डिंपल को 5,98,526 वोट मिले थे, जबकि बसपा उम्मीदवार शिव प्रसाद यादव 66,814 वोटों पर सिमट गए थे।

मैनपुरी लोकसभा सीट 1996 से लगातार समाजवादी पार्टी के पास है। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद 2022 में हुए उपचुनाव में भी डिंपल ने भाजपा उम्मीदवार को 2.88 लाख वोटों के बड़े अंतर से हराकर इस सीट पर सपा का कब्जा बरकरार रखा था।