BJP में कौशल किशोर क्यों नाराज? आत्मसम्मान रैली पर कही बड़ी बात

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महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

भारतीय जनता पार्टी (BJP) में अपनी अनदेखी को लेकर लगातार मुखर रहने वाले मोहनलालगंज के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 13 सितंबर को प्रस्तावित अपनी ‘आत्मसम्मान रैली’ से पहले उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। कौशल किशोर का दावा है कि कुछ लोग उनकी इस रैली को विफल करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे भारी संख्या में इस रैली में पहुंचें और किसी के बहकावे में न आएं।

रैली को विफल करने का आरोप

पूर्व मंत्री ने अपनी ही पार्टी के भीतर के विरोधियों पर सीधा निशाना साधा है। कौशल किशोर ने कहा, “13 सितंबर की आत्मसम्मान रैली में आप सभी लोग भारी संख्या में आइए। कुछ लोग रैली को विफल करने के लिए रोकने का प्रयास कर रहे हैं। ये वो लोग हैं, जो लोकसभा चुनाव में बीजेपी में रहते हुए योगी जी और मोदी जी का विरोध करके बीजेपी के खिलाफ वोट मांग रहे थे।”

एक समान और रोजगारपरक शिक्षा की मांग

‘आत्मसम्मान रैली’ के मुख्य एजेंडे को स्पष्ट करते हुए कौशल किशोर ने शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों की वकालत की। पूर्व सांसद के मुताबिक, इस रैली का मुख्य लक्ष्य देश में एक समान शिक्षा, नशामुक्त शिक्षा, अपराधमुक्त शिक्षा और रोजगारपरक शिक्षा की मांग उठाना है। उनका मानना है कि इन्ही बदलावों के जरिए ही एक विकसित, आत्मनिर्भर और नशामुक्त भारत का निर्माण संभव हो सकेगा।

सोशल मीडिया पोस्ट और अनदेखी का दर्द

इस रैली और उनके बयानों से कौशल किशोर के भाजपा छोड़ने की अटकलों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पिछले कुछ समय से वे पार्टी में खुद को किनारे किए जाने को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने बिना नाम लिए आरोप लगाया था कि उन्हें पार्टी और सरकारी कार्यक्रमों की सूचना तक नहीं दी जाती।

हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके एक पोस्ट ने भी सियासी हलचल पैदा की थी। पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “गेंद जितनी ऊपर जानी थी चली गई, अब नीचे आ रही है… नीचे आने की स्पीड बढ़ती जाती है, इसे कोई कम नहीं कर सकता।”

इस रहस्यमयी पोस्ट और पार्टी छोड़ने की अटकलों पर सफाई देते हुए पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया था कि उनका बयान किसी एक पार्टी या नेता के लिए नहीं था। उन्होंने कहा कि जो भी अपने उद्देश्यों से भटकेगा, उसका पतन (डाउनफॉल) निश्चित है। सीधे तौर पर पार्टी छोड़ने का ऐलान न करने के बावजूद, कौशल किशोर की इस रैली और बयानों ने यूपी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।