प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था होगी डिजिटल: एक ही पोर्टल पर मिलेंगी सभी सेवाएं

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

उत्तर प्रदेश में संपत्ति कर (Property Tax) और नगर निकायों से जुड़ी नागरिक सेवाओं के संचालन का तरीका जल्द पूरी तरह बदलने जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी नगर निकायों में प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी सेवाओं को एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ई-नगर सेवा पोर्टल’ पर लाने की व्यापक तैयारी कर ली है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से अलग-अलग नगर निकायों की अलग-अलग प्रक्रियाओं का झंझट खत्म हो जाएगा और प्रदेशभर के लिए एक समान डिजिटल सिस्टम विकसित होगा।

दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी राहत

अब तक संपत्ति मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी जानकारी, बकाया भुगतान या अन्य औपचारिकताओं के लिए स्थानीय नगर निगम या नगर पालिका कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने पड़ते थे। एकीकृत पोर्टल के शुरू हो जाने से संपत्ति का पूरा विवरण, टैक्स का आकलन और ऑनलाइन भुगतान जैसी तमाम सुविधाएं घर बैठे एक ही क्लिक पर मिल सकेंगी।

म्यूटेशन और टैक्स निर्धारण भी होगा ऑनलाइन

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को केवल टैक्स जमा करने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे अधिक व्यापक रूप दिया जा रहा है:

  • ऑनलाइन दाखिल-खारिज (म्यूटेशन): संपत्ति के ट्रांसफर या म्यूटेशन से जुड़े आवेदन अब ऑनलाइन प्रोसेस हो सकेंगे।

  • पारदर्शिता: टैक्स निर्धारण और भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और लोगों की परेशानियां कम होंगी।

  • डिजिटल रिकॉर्ड: प्रदेश स्तर पर संपत्तियों का एक व्यवस्थित डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा सकेगा, जिससे टैक्स व्यवस्था की मॉनिटरिंग आसान होगी।

एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी नगर निकाय की कई सेवाएं

ई-नगर सेवा को एक फुल-स्टैक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रॉपर्टी टैक्स के अलावा नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र (Birth and Death Certificate), ट्रेड लाइसेंस, और पानी-सीवर कनेक्शन जैसी अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं भी इसी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मुख्य फोकस शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों की सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और जन-केंद्रित बनाने पर है, जिससे नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के कम से कम चक्कर काटने पड़ें।