44 जिलों में 38 हजार करोड़ का शंखनाद, सपा-कांग्रेस के गढ़ पर नजर

फरवरी 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने जनसंपर्क और विकास दौरों की रफ्तार बेहद तेज कर दी है। राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनावों का ‘अघोषित चुनावी अभियान’ माना जा रहा है। मई से लेकर अब तक मुख्यमंत्री यूपी के 75 में से 44 से अधिक जिलों का दौरा कर चुके हैं और इन दौरों के दौरान उन्होंने 115 विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी 38,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया है। खास बात यह है कि इन 115 सीटों में से करीब 58 फीसदी सीटों पर 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस गठबंधन का दबदबा रहा था।
गढ़ों में जाकर विकास की सौगात
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के प्रभाव वाले कई प्रमुख और वीआईपी क्षेत्रों में जाकर योजनाओं का जाल बिछाया है:
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रायबरेली: 24 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली का दौरा करते हुए सीएम योगी ने बछरावां, हरचंदपुर और रायबरेली विधानसभा क्षेत्रों के लिए 879 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत की। 2024 के लोकसभा चुनाव में इन तीनों सीटों पर कांग्रेस आगे रही थी।
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मैनपुरी (करहल): 26 जुलाई को सीएम ने समाजवादी पार्टी के गढ़ मैनपुरी और करहल विधानसभा क्षेत्र के लिए 682 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। 2022 में यहां से अखिलेश यादव जीते थे, जबकि 2024 में डिंपल यादव को इन क्षेत्रों में बढ़त मिली थी।
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अयोध्या (फैजाबाद): लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए बड़ा झटका साबित हुए फैजाबाद क्षेत्र में बीकापुर, रुदौली और दरियाबाद विधानसभा सीटों के लिए 810 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं शुरू की गईं।
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गोरखपुर: मुख्यमंत्री ने अपने गृह जिले गोरखपुर में भी GIDA, पिपराइच, खजनी, चिल्लूपार और गोरखपुर शहरी विधानसभा क्षेत्रों में 4,387 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स की सौगात दी है।
चुनावी गणित: 2022 के मुकाबले 2024 की स्थिति
इन 115 विधानसभा क्षेत्रों के चुनावी आंकड़ों का विश्लेषण करें तो तस्वीर काफी दिलचस्प नजर आती है:
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2024 लोकसभा चुनाव: इन 115 सीटों में से 67 सीटों पर SP-कांग्रेस गठबंधन आगे था (सपा 54, कांग्रेस 13)। वहीं बीजेपी 47 सीटों पर और उसकी सहयोगी RLD एक सीट पर आगे रही थी।
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2022 विधानसभा चुनाव: इसके विपरीत, 2022 के विधानसभा चुनाव में इन्हीं 115 सीटों में से बीजेपी ने 71 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की थी। अपना दल (एस) ने 3 और निषाद पार्टी ने 2 सीटें जीती थीं, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में 33 सीटें आई थीं।
सपा और कांग्रेस पर तीखे हमले
विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री योगी विपक्षी दलों पर भी जमकर हमलावर रहे हैं। पीलीभीत की जनसभा में उन्होंने समाजवादी पार्टी की साइकिल को ‘पंचर’ बताते हुए कहा कि अगर यह चली तो दंगे, कर्फ्यू और असुरक्षा का माहौल लौटेगा। वहीं, अयोध्या में कांग्रेस और सपा की नीतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने पुरानी सरकारों के दौर को लेकर तीखे राजनीतिक प्रहार किए।
विश्लेषकों का मानना है कि इन सरकारी कार्यक्रमों के जरिए मुख्यमंत्री एक साथ दो मोर्चों पर काम कर रहे हैं—पहला, रुकी हुई विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना और दूसरा, जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के पक्ष में सियासी जमीन को मजबूत करना।
