बाढ़ का कहर, 23 जिले अलर्ट पर; PM मोदी ने वाराणसी की संभाली कमान

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और उफनती नदियों के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट और लखीमपुर खीरी समेत राज्य के 23 जिलों में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है, जिसके चलते हजारों परिवार राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
पीएम मोदी ने की हालात की समीक्षा
पूर्वांचल में लगातार बिगड़ रहे हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाला है। उन्होंने वाराणसी के मेयर और जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत कर बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। पीएम ने प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश दिए हैं।
प्रयागराज में 48 घंटे में 2 मीटर बढ़ा जलस्तर
प्रयागराज में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 48 घंटों में ही गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में दो मीटर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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टोंस नदी में उफान के कारण गंगा का बहाव धीमा हुआ है, जिससे झूंसी क्षेत्र का बदरा-सोनौटी मुख्य मार्ग जलमग्न हो गया है।
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राजापुर, अल्लापुर, छोटा बघाड़ा और सलोरी जैसे शहरी इलाकों में नदी के फैलाव और बैकफ्लो का पानी घुस चुका है।
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प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए राहत शिविर तैयार कर लिए हैं और तटीय इलाकों में जल पुलिस गश्त कर रही है।
राहत-बचाव कार्य और नुकसान के प्रमुख आंकड़े
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प्रभावित जिले: राज्य में कुल 35 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें से 23 में स्थिति अत्यधिक गंभीर बनी हुई है।
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सुरक्षित निकासी: अब तक 16,784 लोगों को जलमग्न इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है।
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जनहानि: प्रतापगढ़ और अमरोहा में बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 18 महीने के एक बच्चे सहित तीन लोगों की जान जा चुकी है।
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राहत बल: बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए 1,499 नावें व मोटरबोट और 1,067 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं।
अन्य जिलों का हाल और चित्रकूट में हंगामा
बलिया में गंगा और सरयू के उफान से 20,500 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। पीलीभीत में खकरा पुल डूबने से 18 गांवों का संपर्क टूट गया है और स्कूल बंद कर दिए गए हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
इस बीच, चित्रकूट में राहत सामग्री वितरण को लेकर नाराजगी देखने को मिली। पीएम मोदी की तस्वीर वाली बोरियों में बांटी जा रही राहत किट को लेकर कुछ लोगों ने वास्तविक पीड़ितों तक मदद न पहुंचने का आरोप लगाया, जिसके बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लाखों की संख्या में फूड पैकेट्स, क्लोरीन टैबलेट्स व ओआरएस बांटे जा रहे हैं।
