कांग्रेस ने सपा से मांगीं 175-200 सीटें, क्या आसानी से बनेगी बात?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सुगबुगाहट के बीच विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है। यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने समाजवादी पार्टी (SP) के साथ सीट शेयरिंग पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुलासा किया है कि 2027 के चुनावों के लिए कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से सपा को 175-200 संभावित सीटों की सूची सौंपी जा चुकी है।
लंबे समय से दोनों पार्टियों के बीच चल रही बयानबाजी के बीच, राजेंद्र पाल गौतम ने संकेत दिया है कि अंतिम फैसला सौहार्दपूर्ण बातचीत के जरिए ही लिया जाएगा।
अखिलेश यादव ने कहा था- ‘कर रहे हैं विचार’
इससे पहले, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद इस सूची की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की तरफ से सीटों की सूची उनके पास आ गई है और पार्टी उस पर विचार कर रही है। सपा इस बार के विधानसभा चुनाव में ‘जीतने की संभावना (Winability)’ वाली सीटों पर ही सबसे ज्यादा दांव लगाने की रणनीति बना रही है।
प्रयागराज से कांग्रेस का ओबीसी (OBC) दांव
रविवार को प्रयागराज में आयोजित ‘सामाजिक न्याय सम्मेलन’ के मंच से कांग्रेस ने अपना सियासी दांव साफ कर दिया। इस सम्मेलन के बहाने कांग्रेस ने सपा के पीडीए (PDA) फॉर्मूले की तर्ज पर ही प्रदेश के पिछड़े वर्ग (OBC) मतदाताओं को अपने पाले में लाने की कवायद शुरू कर दी है। राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, “कांग्रेस न तो जाति की राजनीति करती है और न ही धर्म की। हम समावेशी सोच के साथ दलितों, पिछड़ों और अति-पिछड़ों को संसाधनों, शिक्षा और शासन में बराबर की भागीदारी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
प्रयागराज का जातीय और राजनीतिक समीकरण
प्रयागराज जिले में कुल 12 विधानसभा सीटें हैं, जिनके जातीय समीकरण चुनाव परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं:
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शहरी सीटें (इलाहाबाद उत्तर, पश्चिम, दक्षिण): यहां ब्राह्मण, वैश्य, कायस्थ और मुस्लिम मतदाताओं का गहरा प्रभाव है।
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ग्रामीण सीटें (फाफामऊ, सोरांव, फूलपुर, हंडिया आदि): इन इलाकों में पटेल (कुर्मी), यादव, निषाद, मौर्य और अनुसूचित जाति (दलित, पासी, कोल) के वोटर निर्णायक भूमिका में रहते हैं।
भूपेश बघेल और आराधना मिश्रा का केंद्र पर प्रहार
सम्मेलन को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने देश में सत्ता परिवर्तन को जरूरी बताते हुए कहा कि राहुल गांधी की सोच हमेशा गरीबों, मजदूरों, दलितों, महिलाओं, पिछड़े वर्गों और छोटे व्यापारियों को आगे बढ़ाने के प्रति समर्पित रही है।
वहीं, नव-नियुक्त यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने भी सम्मेलन में शिरकत की। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली ‘महारैली’ के लिए बुलावा भेजा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली की इस महारैली में उत्तर प्रदेश की भागीदारी सबसे बड़ी होगी।

