गाजीपुर की 7 सीटों पर फिर सपा का दबदबा या BJP बदलेगी खेल?

गंगा किनारे बसे गाजीपुर (Ghazipur) जिले ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पूरे पूर्वांचल को चौंका दिया था। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लहर के बीच गाजीपुर की सभी सात विधानसभा सीटें विपक्षी गठबंधन (सपा-सुभासपा) के खाते में चली गई थीं और बीजेपी अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी।
लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जिले की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जिस सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के सहारे समाजवादी पार्टी (SP) ने यह करिश्मा किया था, वह अब बीजेपी के साथ एनडीए (NDA) गठबंधन में हैं। ऐसे में गाजीपुर की 7 सीटों (जखनिया, सैदपुर, गाजीपुर सदर, जंगीपुर, जहूराबाद, मोहम्मदाबाद और जमानिया) का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है।
गाजीपुर का आबादी और सामाजिक समीकरण
2011 की जनगणना के अनुसार, गाजीपुर की कुल आबादी लगभग 36 लाख 20 हजार है। यह पूरी तरह से एक ग्रामीण बहुल जिला है, जहां 92 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है। साक्षरता दर 72 प्रतिशत है। धार्मिक आधार पर देखें तो हिंदू आबादी करीब 89 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी करीब 10 प्रतिशत है। ग्रामीण आबादी का दबदबा होने के कारण यहां चुनाव पूरी तरह से जातिगत समीकरणों, कृषि और स्थानीय विकास के मुद्दों पर लड़े जाते हैं।
2022 में सपा-सुभासपा का था दबदबा, BJP रही जीरो
2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 5 और उसकी तत्कालीन सहयोगी सुभासपा ने 2 सीटें जीती थीं:
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जखनिया (SC): सुभासपा के बेदी राम ने 1,13,378 वोट पाकर बीजेपी को 36,865 वोटों से हराया।
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सैदपुर (SC): सपा के अंकित भारती ने पाला बदलकर बीजेपी से लड़ रहे सुभाष पासी को करीब 35 हजार वोटों से शिकस्त दी।
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गाजीपुर सदर: सबसे करीबी मुकाबला। सपा के जयकिशन साहू (92,472 वोट) ने बीजेपी की डॉ. संगीता बलवंत (90,780 वोट) को महज 1,692 वोटों से हराया।
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जंगीपुर: सपा के डॉ. वीरेंद्र यादव ने बीजेपी के रामनरेश कुशवाहा को 35,063 वोटों से हराया।
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जहूराबाद: सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने जिले के सबसे बड़े अंतर (45,632 वोट) से बीजेपी को मात दी।
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मोहम्मदाबाद: मुख्तार अंसारी परिवार के सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी (सपा) ने बीजेपी की अलका राय को 18,759 वोटों से हराया।
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जमानिया: सपा के ओमप्रकाश सिंह ने बीजेपी की सुनीता सिंह को 22,145 वोटों से शिकस्त दी।
2017 से 2022: कैसे पलटा गेम?
2017 में जब सुभासपा बीजेपी के साथ थी, तब एनडीए ने जिले में अच्छा प्रदर्शन किया था। 2017 में बीजेपी ने सदर, मोहम्मदाबाद और जमानिया जीती थीं, जबकि सुभासपा ने जहूराबाद और जखनिया। सपा केवल जंगीपुर और सैदपुर तक सिमट गई थी। 2022 में सुभासपा के सपा के साथ जाते ही पूरा चुनावी गणित पलट गया और बीजेपी साफ हो गई।
2027 के लिए क्या है मौजूदा हालात?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 में जिले का सबसे बड़ा फैक्टर ओमप्रकाश राजभर की एनडीए में वापसी है। राजभर लगातार दावा कर रहे हैं कि 2027 में एनडीए गाजीपुर की सातों सीटें जीतेगा। उन्होंने फिर से जहूराबाद से लड़ने का ऐलान करते हुए अखिलेश यादव को चुनौती दी है। दूसरी तरफ, 2024 के लोकसभा चुनाव में गाजीपुर से अफजाल अंसारी की बड़ी जीत ने समाजवादी पार्टी के हौसले बुलंद कर रखे हैं।
गाजीपुर की 7 सीटों का जातीय समीकरण
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जखनिया: दलित (91 हजार) और यादव (68 हजार) बड़े मतदाता हैं। इसके अलावा राजभर, चौहान और कुशवाहा भी निर्णायक हैं।
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सैदपुर: दलित (75 हजार) और यादव (70 हजार) बहुल क्षेत्र। राजभर, मुस्लिम और कुशवाहा वोटर भी अहम हैं।
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गाजीपुर सदर: दलित, क्षत्रिय, वैश्य और मुस्लिम वोटरों का दबदबा है।
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जंगीपुर: यादव, बिंद और दलितों की संख्या सबसे ज्यादा है, इसके बाद मुस्लिम और क्षत्रिय आते हैं।
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जहूराबाद: राजभर समाज का मजबूत गढ़। दलित, यादव और चौहान भी असरदार हैं।
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मोहम्मदाबाद: भूमिहार (करीब 1 लाख) सबसे बड़ा समूह है। सवर्ण मतदाता (करीब 80 हजार) और दलित-मुस्लिम-यादव भी जीत तय करते हैं।
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जमानिया: मुस्लिम और दलित मतदाता (13-13%), यादव, कुशवाहा, क्षत्रिय और ब्राह्मण वोटर अहम भूमिका में हैं।

