टकराव की खबरों के बाद चीन ने क्या कहा और भारत का रुख क्या है

pema khandu
शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

भारत-चीन सीमा पर हालिया टकराव की खबरों के बीच चीन ने अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। सोमवार (26 अक्टूबर) को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बॉर्डर पर अपनी सेना की गतिविधियों को सामान्य पेट्रोलिंग करार दिया है। चीन की तरफ से यह बयान तब आया है, जब हाल ही में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच टकराव होने की बात का खुलासा किया था।

चीनी विदेश मंत्रालय का दावा: ‘समझौतों का कर रहे पालन’

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन की ओर से पेट्रोलिंग पहले से तय तौर-तरीकों के तहत ही हो रही है। ‘ग्लोबल टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जियाकुन ने कहा, “चीन ने दोनों देशों के बीच हुए समझौते का सख्ती से पालन किया है और सहमतियों पर भी पूरी तरह से अमल किया है।”

चीनी प्रवक्ता ने दावा किया कि उनकी सेना क्षेत्रीय संप्रभुता और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए बॉर्डर वाले इलाके में नियमित पेट्रोलिंग करती है और वहां के प्रबंधन का काम देखती है।

भारत से शांति और सहमतियों के पालन की उम्मीद

चीन ने दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखने की बात भी कही। गुओ जियाकुन ने कहा कि भारत के साथ कूटनीतिक बातचीत का रास्ता हमेशा खुला रहेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चीन उम्मीद करता है कि भारत आपसी सहमतियों का पूरा ध्यान रखेगा और बॉर्डर एरिया में शांति बनाए रखने के लिए मजबूत कदम उठाएगा।

ITBP डीजी के बयान से सामने आई थी सीमा पर टकराव की बात

भारत और चीन के बीच यह ताजा विवाद ITBP के डीजी शत्रुजीत कपूर के एक बयान के बाद चर्चा में आया था। उन्होंने बताया था कि अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर पर दोनों देशों के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी है। कपूर ने स्पष्ट किया था कि जब भी टकराव की स्थिति पैदा हुई, भारतीय जवानों ने पूरी मजबूती के साथ काम किया और अपनी जिम्मेदारी डटकर निभाई।

सीमा विवाद पर गरमाई देश की सियासत

ITBP महानिदेशक द्वारा अरुणाचल बॉर्डर पर टकराव की पुष्टि किए जाने के बाद देश में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। इस खुलासे के तुरंत बाद विपक्ष ने सीमा सुरक्षा और चीन की आक्रामकता के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया।