मिडटर्म चुनाव में हार के बाद ट्रंप पर दबाव, हेगसेथ हैं बलि का बकरा?

अमेरिकी मध्यावधि (मिडटर्म) चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान युद्ध को लेकर दबाव तेजी से बढ़ने लगा है। मंगलवार को आए चुनाव नतीजों ने वाशिंगटन में हलचल मचा दी है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस हार का सीधा ठीकरा ईरान के साथ चल रहे संघर्ष पर फोड़ा है और कहा है कि यही युद्ध रिपब्लिकन पार्टी की हार की मुख्य वजह बना। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी सार्वजनिक रूप से इस बात को स्वीकार करते हुए इसे ‘काफी हद तक सच’ बताया है।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की जा सकती है कुर्सी
चुनावी हार के बाद अब ट्रंप प्रशासन के भीतर जवाबदेही तय करने की कवायद शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप अपने करीबियों और सहयोगियों से इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि क्या रक्षा मंत्री (Defence Secretary) पीट हेगसेथ को उनके पद पर बनाए रखा जाए या नहीं। रिपब्लिकन (GOP) सांसदों का एक बड़ा धड़ा खुलकर हेगसेथ को इस युद्ध और उसके बाद उपजे राजनीतिक नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। दूसरी तरफ, डेमोक्रेट्स भी इस स्थिति का फायदा उठाते हुए महाभियोग (impeachment) प्रस्ताव लाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।
ईरान को लेकर ट्रंप की आगे की रणनीति
ईरान को लेकर व्हाइट हाउस अब कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। ट्रंप प्रशासन फिर से नए हमले करने, दबाव बनाए रखने या किसी समझौते पर पहुंचने की संभावनाओं को तौल रहा है। इस बीच, कूटनीतिक मोर्चे पर भी सरगर्मी तेज है। मध्यस्थता कर रहे कतरी अधिकारी एक ड्राफ्ट एग्रीमेंट (प्रस्तावित समझौते) को आगे बढ़ा रहे हैं। इस समझौते के जरिए आने वाले कुछ ही दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
ईरान के खिलाफ फिलहाल कोई नया सैन्य कदम न उठाने के ट्रंप के बयान का असर वैश्विक बाजार पर भी दिखा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की ईरान पर तत्काल हमला करने की कोई योजना नहीं है। इस बयान के बाद गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों (Oil prices) में लगातार गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल फिसलकर 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है, जो पिछले लगभग दो महीनों का सबसे निचला स्तर है।

