संजय दत्त ने क्यों कहा- ‘6 साल जेल में रहा, तब भी मराठी नहीं सीख पाया’?

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शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

ठाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त और महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक के बीच हुई एक दिलचस्प बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। मंच पर मंत्री सरनाईक ने जब अभिनेता से मराठी में बात करने की गुजारिश की, तो संजय दत्त ने पुणे की यरवदा जेल में बिताए अपने समय का जिक्र करते हुए अपने ही अंदाज में जवाब दिया। महाराष्ट्र में इन दिनों स्थानीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर चल रही बहस और विवादों के बीच अभिनेता का यह मजाकिया जवाब सुर्खियों में आ गया है।

मंच से मंत्री सरनाईक ने की थी शुरुआत

कार्यक्रम के दौरान वायरल हो रहे वीडियो में संजय दत्त और प्रताप सरनाईक एक साथ मंच पर नजर आ रहे हैं। इसी दौरान मंत्री ने माइक पर कहा कि वह आजकल सभी लोगों को मराठी सिखा रहे हैं। दर्शकों की तरफ मुखातिब होते हुए सरनाईक ने कहा कि अभिनेता के यहां आने के बाद उन्होंने सोचा कि क्यों न हम सब मिलकर संजय दत्त से मराठी में बात करें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि संजय दत्त हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।

संजय दत्त का यरवदा जेल वाला जवाब

मंत्री की इस बात पर जब वहां मौजूद लोग हंसने लगे, तो संजय दत्त ने तुरंत माइक संभाला। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल से जेल में रहा, यरवदा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैं थोड़ा बहुत ही सीखा था।”

इसके बाद अभिनेता ने मंत्री के कंधे पर हाथ रखते हुए उनके साथ अपने पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि वह कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए प्रताप भाई के आभारी हैं और दोनों का यह रिश्ता करीब 25 साल पुराना है।

ऑटो चालकों के लिए लागू हुआ है मराठी का नियम

मंच से प्रताप सरनाईक द्वारा “सबको मराठी सिखाने” का बयान दरअसल उनके परिवहन विभाग के हालिया आदेश से जुड़ा है। राज्य सरकार ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत मुंबई में ऑटो-रिक्शा चलाने के लिए चालकों को मराठी भाषा और स्थानीय वाक्यांशों की व्यावहारिक समझ होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी प्रशासनिक फैसले के संदर्भ में मंत्री ने कार्यक्रम में भाषा को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर संजय दत्त ने अपनी हाजिरजवाबी से माहौल को हल्का कर दिया।