सहारनपुर मस्जिद विवाद: बुलडोजर चला, इकरा हसन हाउस अरेस्ट

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक मस्जिद को जिला अदालत के आदेश के बाद प्रशासन द्वारा बुलडोजर से गिराए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस कार्रवाई के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है।

सपा और कांग्रेस ने उठाए कड़े सवाल

विपक्षी दलों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने इसे कानून और संविधान के खिलाफ बताया है:

  • इकरा हसन की प्रतिक्रिया: सहारनपुर जा रहीं कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को पुलिस द्वारा रोके जाने और हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई है। सपा इस कार्रवाई को दमनकारी बता रही है।

  • इमरान मसूद का तीखा हमला: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस ध्वस्तीकरण को “सहारनपुर के लिए काला दिन” करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह मस्जिद 1911 से पहले की है और सभी कानूनी तथ्यों व 30 दिन के दिए गए समय को नजरअंदाज कर रातों-रात तानाशाही तरीके से यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस एक्शन से संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद पिछले साल फरवरी 2025 में शुरू हुआ था, जब बजरंग दल के एक नेता ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में मस्जिद के अवैध निर्माण और वहां कमरों तथा डाकघर का संचालन कर व्यावसायिक लाभ कमाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध करार देते हुए ध्वस्तीकरण और 6.41 करोड़ रुपये के हर्जाने का आदेश दिया था। मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश को जिला सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी, लेकिन जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत ने 2 सितंबर को याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद प्रशासन ने यह बुलडोजर कार्रवाई अंजाम दी।