मिसाइलों से रियाद दहला, तेल बाजार में उछाल, लेकिन तुर्की ने बनाई दूरी

यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की राजधानी रियाद को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाए जाने के बाद मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव चरम पर पहुंच गया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है। इस हमले के कारण राजधानी के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल दर्ज किया गया है।
रियाद में मिसाइल का मलबा गिरा, हूतियों की चेतावनी
सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी (Civil Defence) के अनुसार, हवा में नष्ट की गई मिसाइलों का मलबा रियाद के एक किंडरगार्टन (स्कूल) और एक मेडिकल कॉम्प्लेक्स पर गिरा, जिससे इमारतों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, किसी के हताहत होने की फिलहाल कोई पुष्टि नहीं हुई है।
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि आतंकी हूती मिलिशिया द्वारा रियाद की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। वहीं, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उनकी मिसाइल ने किंग खालिद एयरपोर्ट के टारगेट को सटीकता से हिट किया है। इसके साथ ही, हूतियों ने सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत वह जगह छोड़ने की सीधी चेतावनी जारी की है।
किंग खालिद एयरपोर्ट पर हाहाकार, एयर इंडिया-इंडिगो की उड़ानें रद्द
मिसाइल हमलों के बाद रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। फ्लाइट राडार (Flightradar24) के डेटा के अनुसार, दोपहर के बाद से एयरपोर्ट पर कोई भी विमान न तो लैंड हुआ है और न ही टेकऑफ कर सका है।
एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हवाई अड्डे पर आने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें। सुरक्षा कारणों से एयर इंडिया (Air India), इंडिगो (Indigo), सउदिया (Saudia) और इजिप्टएयर (Egyptair) ने दर्जनों उड़ानें रद्द कर दी हैं। सिंगापुर एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं 28 मार्च तक टाल दी हैं, जबकि फिलीपीन एयरलाइंस ने कम से कम 11 अक्टूबर तक उड़ानें सस्पेंड कर दी हैं।
तेल की कीमतों में 5% का उछाल, ईरान पर नए अमेरिकी हमले की अटकलें
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ा है। यह रिपोर्ट सामने आने के बाद कि अमेरिका अगले महीने होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले ईरान पर नए सिरे से हमले कर सकता है, कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) उछलकर 105.46 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी क्रूड WTI बढ़कर 92.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
भारत, यूएई और मिस्र ने की कड़ी निंदा
रियाद और आभा एयरपोर्ट पर हुए इन सिलसिलेवार हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हो रही है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले को “पूरी तरह से अस्वीकार्य” बताया है। भारत ने सऊदी अरब की सरकार और वहां के लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है। इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मिस्र, फ्रांस और मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने भी हमलों की निंदा करते हुए इसे सऊदी की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है।
मिडिल ईस्ट से लौटा अमेरिकी युद्धपोत ‘अब्राहम लिंकन’
एक तरफ जहां सऊदी अरब और यमन के बीच सैन्य टकराव गहरा रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) अपनी मिडिल ईस्ट की तैनाती पूरी कर कैलिफोर्निया लौट आया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इस मिशन के दौरान 5,000 से अधिक नौसैनिकों ने हजारों लड़ाकू उड़ानों को सपोर्ट किया और 90,000 मील से अधिक की समुद्री यात्रा की।
इसी बीच, तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने स्पष्ट कर दिया है कि सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते के बावजूद तुर्की यमन में हूतियों से लड़ने या किसी भी आक्रामक कार्रवाई के लिए अपनी सेना नहीं भेजेगा।

