CM भजनलाल शर्मा के दखल के बाद सुलझा BJP में टिकटों का विवाद

जयपुर: राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर जयपुर नगर निगम के टिकट वितरण को लेकर चल रहा घमासान आखिरकार सुलझ गया है। पार्टी के अंदर विधायकों और संगठन के बीच फंसा पेच खत्म करने के लिए खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को मैदान में उतरना पड़ा। मुख्यमंत्री की मैराथन बैठकों और सीधे हस्तक्षेप के बाद जयपुर के सभी 150 वार्डों पर प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर दिए गए हैं। आज यानी 31 अगस्त को नामांकन का अंतिम दिन होने के कारण टिकटों पर अंतिम मुहर लगना पार्टी के लिए बेहद अहम था।
देर रात 4:15 बजे तक चला बैठकों का दौर
रविवार को निकाय चुनाव की रणनीति को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार एक्शन मोड में दिखे। वे रविवार को दो बार भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे:
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पहली बैठक: सीएम शाम को प्रदेश कार्यालय पहुंचे और चर्चा के बाद रात करीब 8:30 बजे रवाना हुए।
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देर रात की मैराथन बैठक: अंदरूनी खींचतान न थमने पर मुख्यमंत्री देर रात 12:30 बजे दोबारा भाजपा कार्यालय पहुंचे।
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सुबह तक मंथन: सीएम की मौजूदगी में चली यह बैठक सुबह 4:15 बजे तक जारी रही, जिसके बाद विवादित सीटों पर आम सहमति बनी।
समय की कमी और आज नामांकन का आखिरी दिन होने के चलते यह फैसला लिया गया कि लिस्ट जारी करने के बजाय सीधे चयनित प्रत्याशियों को फोन करके नामांकन दाखिल करने के निर्देश दिए जाएंगे।
विधायकों और संगठन की पसंद में फंसा था पेच
जयपुर नगर निगम के टिकटों को लेकर पिछले कई दिनों से पार्टी में मंथन चल रहा था। विवाद की मुख्य वजह कई वार्डों में स्थानीय विधायकों की पसंद और संगठन द्वारा प्रस्तावित नामों के बीच तालमेल न बैठ पाना था। दोनों ही पक्ष अपने-अपने समर्थकों को टिकट दिलाने पर अड़े हुए थे। आखिरकार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दोनों पक्षों के साथ लंबी चर्चा की और विवादित नामों पर बीच का रास्ता निकालकर विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के बीच सहमति बनाई।
